RAS प्रश्न
1856 का विधवा पुनर्विवाह अधिनियम किसके प्रयासों से बना?
सही उत्तर: (B) ईश्वर चंद्र विद्यासागर।
1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम ईश्वर चंद्र विद्यासागर के लगातार प्रयासों और याचिकाओं से पारित हुआ।
व्याख्या
विधवा पुनर्विवाह को कानूनी मान्यता दिलाने में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की निर्णायक भूमिका थी। सती-प्रथा पर रोक के बाद भी विधवाओं को शिक्षा और सामाजिक स्वीकृति के अभाव में गंभीर समस्याएँ झेलनी पड़ती थीं। इसी मुद्दे पर ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने संघर्ष किया और उनके प्रयासों से 1856 का विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बना। उनके निरंतर प्रयासों और याचिकाओं के कारण लॉर्ड डलहौजी के कार्यकाल में हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम XV, 1856 पारित हुआ। निर्णायक सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर थे।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ज्योतिबा फुले ने जाति-सुधार, स्त्री-शिक्षा और लड़कियों के स्कूलों पर अधिक काम किया; 1856 का विधवा पुनर्विवाह अधिनियम विद्यासागर के प्रयासों से जुड़ा है।
- (C) केशव चंद्र सेन के सुधार बाद के दौर से जुड़े हैं, जबकि 1856 का विधवा पुनर्विवाह अधिनियम विद्यासागर के प्रयासों के कारण बना।
- (D) राजा राम मोहन राय 1829 में सती-प्रथा पर रोक के आंदोलन से जुड़े थे और 1833 में उनका निधन हो चुका था, इसलिए 1856 के अधिनियम के लिए वे उत्तर नहीं हो सकते।
अवधारणा
आधुनिक भारत के सामाजिक-सुधार आंदोलनों और स्त्री-सुधार कानूनों में सुधारक, मुद्दा और संबंधित अधिनियम की अलग-अलग पहचान जरूरी रहती है। RAS के आधुनिक भारत खंड में यह संबंध बार-बार काम आता है।
