RAS प्रश्न
अरावली श्रेणी का कौन-सा खंड 'भोराट पठार' के नाम से जाना जाता है?
सही उत्तर: (D) कुंभलगढ़ और गोगुन्दा के बीच।
अरावली श्रेणी में कुंभलगढ़ और गोगुन्दा के बीच का उच्च पठारी खंड भोराट पठार के नाम से जाना जाता है।
व्याख्या
भोराट पठार की पहचान स्थान-आधारित है: यह अरावली श्रेणी का वह हिस्सा है जो कुंभलगढ़ और गोगुन्दा के बीच आता है। यह उदयपुर-राजसमंद क्षेत्र का उच्च पठार है और इसकी औसत ऊंचाई लगभग 1,225 मीटर है। राजस्थान वन विभाग के स्रोत में भी मेवाड़ शैल क्षेत्र की औसत ऊंचाई लगभग 1225 मीटर दी गई है और अरावली श्रेणी का सबसे ऊंचा भाग कुंभलगढ़ और गोगुन्दा के किलों के बीच पठार के रूप में स्थानीय तौर पर ‘भोराट’ कहलाता है। इसलिए विकल्प D सही है, क्योंकि बाकी विकल्प अरावली के दूसरे खंडों या क्षेत्रों की ओर संकेत करते हैं, भोराट पठार की ओर नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अजमेर और पुष्कर के बीच का खंड स्रोत में भोराट पठार के रूप में चिन्हित नहीं है; भोराट के लिए कुंभलगढ़-गोगुन्दा वाला स्थान दिया गया है।
- (B) माउंट आबू और सिरोही वाला हिस्सा आबू खंड से जुड़ता है, जबकि भोराट पठार कुंभलगढ़ और गोगुन्दा के बीच बताया गया है।
- (C) अलवर और जयपुर वाला क्षेत्र उत्तर-पूर्वी अरावली की ओर पड़ता है, जबकि भोराट पठार मेवाड़ क्षेत्र में कुंभलगढ़-गोगुन्दा के बीच स्थित है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की भौतिक भूगोल में अरावली के स्थानीय खंडों और पठारों की पहचान परखता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि स्थान-नाम, ऊंचाई और क्षेत्रीय विभाजन सीधे मानचित्र-आधारित प्रश्नों से जुड़े रहते हैं।
