RAS प्रश्न
ERCP किन नदियों को आपस में जोड़ने की योजना है?
सही उत्तर: (B) चम्बल-पार्वती-कालीसिंध-बनास-बाणगंगा।
ERCP चम्बल-पार्वती-कालीसिंध को बनास-बाणगंगा सहित चम्बल बेसिन के जल-अभाव वाले उप-बेसिनों से जोड़ने की योजना है।
व्याख्या
ERCP चम्बल बेसिन के भीतर पानी के स्थानांतरण की योजना है, किसी भी दो नदियों की सामान्य जोड़ी नहीं। आधिकारिक PIB विज्ञप्ति के अनुसार इसमें कालीसिंध, पार्वती, मेज और चाकन उप-बेसिनों में उपलब्ध अतिरिक्त मानसूनी पानी को बनास, गंभीर, बाणगंगा और पार्वती जैसे जल-अभाव वाले उप-बेसिनों की ओर मोड़ना है। चम्बल, पार्वती और कालीसिंध को बनास, बाणगंगा, गंभीर और पार्वती से नहरों और सुरंगों के जरिए जोड़ना इसी योजना का हिस्सा है। इसलिए विकल्प B में दिया गया चम्बल-पार्वती-कालीसिंध-बनास-बाणगंगा समूह ही सही उत्तर है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) लूणी-बनास विकल्प ERCP का सही समूह नहीं है, क्योंकि ये अलग बेसिनों से जुड़े हैं और PIB के अनुसार ERCP चम्बल बेसिन के भीतर पानी मोड़ने की योजना है।
- (C) घग्गर-लूणी ERCP की आधिकारिक नदी-श्रृंखला में नहीं हैं; इन्हें आपस में जोड़ने योग्य जोड़ी नहीं माना गया है।
- (D) माही-चम्बल गलत है, क्योंकि माही अलग बेसिन में आती है, जबकि ERCP चम्बल बेसिन के भीतर के उप-बेसिनों पर केंद्रित है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की नदी-घाटियों और जल-स्थानांतरण योजनाओं की समझ जांचता है। RAS में ERCP बार-बार इसलिए आता है क्योंकि इसमें चम्बल बेसिन के स्रोत और जल-अभाव वाले उप-बेसिनों का संबंध सीधे पूछा जा सकता है।
