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RAS प्रश्न

ब्रिटिश ने होम रूल आंदोलन के जवाब में किस सुधार की घोषणा की?

सही उत्तर: (D) मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार।

होम रूल आंदोलन के दबाव के बाद ब्रिटिश सरकार ने मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों की योजना घोषित की, जो आगे चलकर भारत सरकार अधिनियम 1919 से जुड़ी।

  1. (A)

    भारतीय परिषद अधिनियम 1892

  2. (B)

    मॉर्ले-मिंटो सुधार

  3. (C)

    भारत सरकार अधिनियम 1935

  4. (D)

    मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार

व्याख्या

होम रूल लीगों ने स्वशासन की मांग को संगठित और अखिल भारतीय दबाव में बदला, इसलिए होम रूल आंदोलन के बाद मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार सामने आए। ई-ज्ञानकोश एमएचआई-109 के अनुसार, होम रूल लीगों ने अंग्रेज़ी और स्थानीय भाषाओं के अखबारों-पर्चों से जनमत बनाया, और ब्रिटिश सरकार ने इस बढ़ते समर्थन को महसूस किया। सरकार के भीतर दमन और रियायत, दोनों रास्तों पर विचार हुआ; इसी स्थिति पर विचार करने के बाद भारत सचिव एडविन मॉन्टेग्यू ने स्वशासन की दिशा में आगे बढ़ने की घोषणा की और 1918 में मॉन्टेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधारों की प्रस्तावित योजना प्रकाशित हुई। 1919 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन लाया, इसलिए यह सुधार होम रूल दबाव से सीधे जुड़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) भारतीय परिषद अधिनियम 1892 होम रूल आंदोलन से कई दशक पहले आया था, इसलिए वह इस आंदोलन के जवाब में घोषित सुधार नहीं हो सकता।
  • (B) मॉर्ले-मिंटो सुधार 1909 में हुए थे, जबकि होम रूल आंदोलन प्रथम विश्व युद्ध के दौर में उठा, इसलिए उनका कालक्रम मेल नहीं खाता।
  • (C) भारत सरकार अधिनियम 1935 बहुत बाद की संवैधानिक व्यवस्था थी; होम रूल आंदोलन के बाद प्रासंगिक सुधार 1918-1919 के क्रम में आया।

अवधारणा

आधुनिक भारत में संवैधानिक सुधारों और राष्ट्रवादी दबाव की कड़ी महत्वपूर्ण है। आरएएस में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि 1892, 1909, 1919 और 1935 के अधिनियमों का सही क्रम समझे बिना उत्तर आसानी से उलट जाता है।

स्रोत

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