RAS प्रश्न
राजस्थान की मीणा जनजाति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन या कौन-से कथन सही हैं? 1. वे मुख्यतः कृषि करने वाली जनजाति हैं और पूर्वी राजस्थान में केंद्रित हैं। 2. वे भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं और गणगौर त्योहार को अत्यधिक महत्व देते हैं। 3. मीणाओं की समृद्ध साहित्यिक परंपरा है जिसमें 'मेवात' ग्रंथ शामिल हैं। 4. उन्हें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
सही उत्तर: (A) केवल 1 और 2।
राजस्थान की मीणा जनजाति मुख्यतः कृषि से जुड़ी, पूर्वी राजस्थान में केंद्रित हिंदू जनजाति है, जिसके प्रमुख देवताओं में कृष्ण शामिल हैं और गणगौर इसके महत्त्वपूर्ण त्योहारों में है।
व्याख्या
कथन 1 और 2 सही हैं। ई-ज्ञानकोश की राजस्थान की जनजातियों वाली इकाई में मीणा जनजाति को आमेर यानी आज के जयपुर और राजस्थान के पूर्व, उत्तर-पूर्व तथा दक्षिण-पूर्व हिस्सों में अधिक आबाद बताया गया है। उसी स्रोत में मीणाओं को पेशे के आधार पर कृषि या बारागांव मीणा और चौकीदार मीणा में बांटा गया है, इसलिए कृषि से जुड़ाव वाला कथन सही बैठता है। स्रोत यह भी बताता है कि मीणा हिंदू हैं और उनके प्रमुख देवताओं में भैरों, हनुमान, कृष्ण और देवियां शामिल हैं। तीज और गणगौर के मेलों में मीणा पुरुष, महिलाएं और बच्चे सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। इसलिए सही संयोजन केवल कथन 1 और 2 है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) B में कथन 3 जोड़ दिया गया है, जबकि मेवात ग्रंथ मेव समुदाय से संबंधित हैं; मीणा परंपरा में मीणा पुराण, मीणा चरित्र और मिनेश पुराण बताए गए हैं।
- (C) C में कथन 2 तो सही है, लेकिन कथन 4 गलत है, क्योंकि मीणा PVTG नहीं है और राजस्थान में PVTG के रूप में सहरिया का उल्लेख किया जाता है।
- (D) D सभी कथनों को सही मानता है, जबकि कथन 3 में मेवात ग्रंथों को गलत समुदाय से जोड़ा गया है और कथन 4 में मीणा को गलत तरीके से PVTG बताया गया है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की जनजातियों के भौगोलिक वितरण, आजीविका, धार्मिक-सांस्कृतिक व्यवहार और प्रशासनिक वर्गीकरण को परखता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि इनमें लोक-संस्कृति और सामाजिक भूगोल दोनों साथ जांचे जाते हैं।
