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RAS प्रश्न

राजस्थान की भेड़ नस्लों और उनके मुख्य ऊन प्रकार के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सुमेलित नहीं है?

सही उत्तर: (D) सोनाड़ी — कपड़ों के लिए बारीक ऊन; उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में पाई जाती है।

सोनाड़ी भेड़ उदयपुर और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में पाई जाती है, लेकिन उसका ऊन बारीक परिधान ऊन नहीं बल्कि मोटा, रोएंदार और कालीन-गुणवत्ता वाला माना जाता है।

  1. (A)

    चोकला — बारीक कालीन ऊन ('राजस्थान का मेरिनो' कहलाती है)

  2. (B)

    नाली — मध्यम किस्म की कालीन ऊन; गंगानगर और हनुमानगढ़ में पाई जाती है

  3. (C)

    पूगल — मोटी ऊन; बीकानेर जिले में पाई जाती है

  4. (D)

    सोनाड़ी — कपड़ों के लिए बारीक ऊन; उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में पाई जाती है

व्याख्या

असुमेलित युग्म सोनाड़ी वाला है। सोनाड़ी उदयपुर और चित्तौड़गढ़ में पाई जाती है, लेकिन वह बारीक परिधान ऊन नहीं देती; उसका ऊन मध्यम से मोटी कालीन-गुणवत्ता का है। FAO के भेड़-नस्ल विवरण में सोनाड़ी का वितरण उदयपुर और डूंगरपुर जिलों में, तथा कुछ हद तक चित्तौड़गढ़ में है, और उसका ऊन सफेद, अत्यंत मोटा और रोएंदार है। इसलिए गलती स्थान-वितरण में नहीं, ऊन के प्रकार में है। चोकला, नाली और पूगल के युग्म सही हैं, जबकि सोनाड़ी को बारीक परिधान ऊन से जोड़ना तथ्य के उलट है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) चोकला वाला युग्म असुमेलित नहीं है, क्योंकि चोकला राजस्थान की भेड़ नस्लों में सबसे बारीक कालीन ऊन देने वाली नस्ल है और FAO भी उसे बेहतरीन कालीन-ऊन नस्लों में रखता है।
  • (B) नाली वाला युग्म असुमेलित नहीं है, क्योंकि नाली मध्यम कालीन ऊन देने वाली और गंगानगर/हनुमानगढ़ क्षेत्र से संबंधित नस्ल है।
  • (C) पूगल वाला युग्म असुमेलित नहीं है, क्योंकि पूगल बीकानेर-पूगल क्षेत्र से जुड़ी और मोटी ऊन देने वाली नस्ल है।

अवधारणा

राजस्थान की पशुधन-भूगोल इकाई में भेड़ नस्लों, उनके क्षेत्रीय वितरण और ऊन-प्रकार की पहचान महत्त्वपूर्ण है। RAS में ऐसे प्रश्न इसलिए दोहरते हैं क्योंकि वे स्थान-विशेष आर्थिक गतिविधि और स्थानीय संसाधन-आधारित पशुपालन को सीधे जोड़ते हैं।

स्रोत

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