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RAS प्रश्न

निम्नलिखित में से कौन-सा राजस्थान में लवणीय मिट्टी के पुनरुद्धार की विशेषता का गलत वर्णन करता है?

सही उत्तर: (C) केवल गहरी जुताई, बिना किसी रासायनिक सुधारक के, सांभर के आसपास की लवण-क्षारीय मिट्टी को स्थायी रूप से सुधारने के लिए पर्याप्त है।।

राजस्थान में लवण-क्षारीय मिट्टी का स्थायी सुधार केवल गहरी जुताई से नहीं होता; इसके लिए जिप्सम, लवण धुलाई, जल-निकासी और उपयुक्त फसलों का संयुक्त प्रबंधन चाहिए।

  1. (A)

    जिप्सम, यानी कैल्शियम सल्फेट द्विजलयोजित, विनिमेय सोडियम की जगह कैल्शियम लाने के लिए डाला जाता है। इससे चिकनी मिट्टी के कण गुच्छों में बंधते हैं और मिट्टी की संरचना सुधरती है।

  2. (B)

    जड़ क्षेत्र के नीचे जमा लवणों को बहाने के लिए अतिरिक्त सिंचाई जल से लीचिंग करने की सिफारिश की जाती है।

  3. (C)

    केवल गहरी जुताई, बिना किसी रासायनिक सुधारक के, सांभर के आसपास की लवण-क्षारीय मिट्टी को स्थायी रूप से सुधारने के लिए पर्याप्त है।

  4. (D)

    ढैंचा (Sesbania), जौ और शुगरबीट जैसी लवण-सहिष्णु फसलें शुरुआती पुनरुद्धार चरणों में जैव-उपचार फसलों के रूप में लगाई जाती हैं।

व्याख्या

लवण-क्षारीय मिट्टी की असली समस्या सिर्फ कठोर परत या खराब जुताई नहीं है, बल्कि मिट्टी में मौजूद सोडियम और लवण भी हैं। गहरी जुताई कठोर परत तोड़कर जल-निकासी में अस्थायी मदद कर सकती है, पर सोडियम आयन रासायनिक संशोधन के बिना नहीं हटते। ICAR-CSSRI के स्रोत में सोडिक मिट्टी के सुधार के लिए जिप्सम डालने, सतह की मिट्टी में मिलाने और सिंचाई जल से लवण नीचे ले जाने की बात दी गई है। वही स्रोत जलभराव वाली लवणीय सिंचित भूमि में अतिरिक्त पानी और लवण बाहर निकालने के लिए उप-सतही निकासी को प्रभावी तकनीक बताता है। इसलिए केवल गहरी जुताई को स्थायी समाधान मानना गलत है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A सही प्रक्रिया बताता है, क्योंकि जिप्सम सोडिक/लवण-क्षारीय मिट्टी के सुधार में मानक रासायनिक संशोधन है और कैल्शियम सोडियम के प्रभाव को घटाकर मिट्टी की बनावट सुधारने में मदद करता है।
  • (B) B सही है, क्योंकि जिप्सम के बाद सिंचाई जल देकर लवणों को नीचे ले जाना जड़ क्षेत्र से लवण हटाने की प्रक्रिया है।
  • (D) D सही है, क्योंकि प्रारंभिक सुधार चरणों में लवण-सहिष्णु फसलों और जैव-उपचार को संयुक्त पुनरुद्धार का हिस्सा माना जाता है।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान भूगोल में लवणीय और सोडिक मिट्टी के सुधार की तकनीकों की समझ जांचता है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि मृदा समस्या, सिंचाई, जल-निकासी और फसल-चयन को एक साथ जोड़कर पूछा जाता है।

स्रोत

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