RAS प्रश्न
निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थान की डामोर जनजाति का सही वर्णन करता है?
सही उत्तर: (B) राजस्थान के मुख्य जनजातीय समूहों में सबसे छोटी, डूंगरपुर जिले में केंद्रित, सांस्कृतिक रूप से भीलों के करीब।।
डामोर राजस्थान की मुख्य अनुसूचित जनजातियों में छोटी, डूंगरपुर-केंद्रित जनजाति है, जिसकी सांस्कृतिक निकटता भीलों से मानी जाती है।
व्याख्या
डामोर की पहचान किसी खास पर्वतीय घुमंतू जीवन या वालरा कृषि से नहीं, बल्कि डूंगरपुर-केंद्रित छोटे जनजातीय समूह के रूप में होती है। डामोर मुख्यतः डूंगरपुर जिले, खासकर सिमलवाड़ा तहसील में पाए जाते हैं और भाषा, वेशभूषा तथा रीति-रिवाजों में भीलों के करीब हैं। जनजातीय कार्य मंत्रालय के आधिकारिक सांख्यिकीय प्रोफ़ाइल में राजस्थान की अनुसूचित जनजातियों की सूची में “Damor, Damaria” अलग से दर्ज है और जनगणना 2011 के आधार पर इसकी जनसंख्या 91,463 दी गई है। डूंगरपुर में केंद्रित और भीलों से सांस्कृतिक रूप से निकट पहचान के कारण विकल्प B सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) वालरा या स्थानांतरी कृषि भील जनजाति से जुड़ी है, जबकि डामोर का केंद्र बाँसवाड़ा-प्रतापगढ़ नहीं बल्कि डूंगरपुर है।
- (C) बारां जिले की वन-आधारित PVTG पहचान सहरिया जनजाति से मेल खाती है; डामोर की प्रमुख पहचान डूंगरपुर-केंद्रित अनुसूचित जनजाति के रूप में है।
- (D) गोल गधेड़ो विवाह प्रथा सिरोही क्षेत्र की गरासिया जनजाति से जुड़ी है, इसलिए उसे डामोर की पहचान मानना गलत है।
अवधारणा
राजस्थान की अनुसूचित जनजातियों के भौगोलिक वितरण और सांस्कृतिक पहचान में जिला, जनजाति और विशिष्ट प्रथा का संबंध निर्णायक होता है। RAS में जनजाति, जिला और विशिष्ट प्रथा को आपस में बदलकर भ्रम पैदा किया जाता है।
