RAS प्रश्न
पशुपालन कृषि में 'ट्रांसह्यूमेंस' की अवधारणा को निम्नलिखित में से कौन सबसे सही ढंग से बताता है?
सही उत्तर: (B) ऊंचाई वाले ग्रीष्मकालीन चरागाहों और मैदानी शीतकालीन चरागाहों के बीच पशुओं का मौसमी आवागमन।
ट्रांसह्यूमेंस पशुओं को तय मौसमी क्रम में गर्मियों में ऊंचे पर्वतीय चरागाहों और सर्दियों में घाटी या मैदानी चरागाहों के बीच ले जाने की पशुपालन पद्धति है।
व्याख्या
ट्रांसह्यूमेंस में पशुपालक पशुओं को पूरक चरागाहों के बीच मौसम के अनुसार ले जाते हैं। सामान्य ढांचा यह है कि गर्मियों में पशु ऊंचाई वाले या अल्पाइन चरागाहों पर जाते हैं और सर्दियों में घाटी, मैदानी या अपेक्षाकृत गर्म निचले क्षेत्रों में लौटते हैं। FAO के स्रोत में हिमालयी क्षेत्र के लिए यही ऊर्ध्वाधर पैटर्न दिया गया है: गर्मियों में पर्वतीय चरागाहों की ओर चढ़ना और सर्दियों में तलहटी, मैदान या मरुस्थलीय किनारे की ओर उतरना। इसलिए विकल्प B सही है। यह स्थायी प्रवास या बेतरतीब भटकाव नहीं है, क्योंकि मार्ग और गंतव्य चरागाह आम तौर पर ज्ञात, मौसमी और दोहराए जाने वाले होते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) स्थायी प्रवास में पशुपालक नई भूमि पर बस जाते हैं, जबकि ट्रांसह्यूमेंस में पशु तय चरागाहों के बीच मौसम के अनुसार आते-जाते हैं।
- (C) बिना निश्चित मार्ग का भटकाव खानाबदोशी से जुड़ता है, जबकि ट्रांसह्यूमेंस में ज्ञात गर्मी और सर्दी के चरागाहों के बीच पूर्वानुमेय मौसमी रास्ते होते हैं।
- (D) बंद चरागाहों में साल भर गहन चराई ट्रांसह्यूमेंस नहीं है, क्योंकि इसमें पशुओं का ऊंचे और निचले चरागाहों के बीच मौसमी स्थानांतरण ही मुख्य तत्व है।
अवधारणा
यह प्रश्न विश्व भूगोल में पशुपालन प्रणालियों और पर्वतीय चरागाह उपयोग की अवधारणा जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि ट्रांसह्यूमेंस को खानाबदोशी, स्थायी प्रवास और गहन पशुपालन से अलग पहचानना जरूरी है।
