RAS प्रश्न
किस चार्टर एक्ट ने भारत के गवर्नर-जनरल (बंगाल के बजाय) का पद बनाया?
सही उत्तर: (B) 1833 का चार्टर एक्ट।
1833 के चार्टर एक्ट ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया।
व्याख्या
1833 के चार्टर एक्ट ने बंगाल-केंद्रित पदनाम को अखिल भारतीय पदनाम में बदला। PIB के अनुसार, 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने बंगाल प्रेसीडेंसी को सर्वोच्चता दी और बंगाल के गवर्नर को गवर्नर-जनरल नियुक्त किया था। इसके बाद 1833 के चार्टर एक्ट ने कंपनी के व्यापारिक अधिकार समाप्त कर उसे भारत में क्राउन की प्रशासनिक एजेंसी बना दिया। इसी बदलाव के तहत बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल नामित किया गया और पूरे ब्रिटिश भारत का प्रशासन सौंपा गया। लॉर्ड विलियम बेंटिंक भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर को गवर्नर-जनरल बनाया था, भारत के गवर्नर-जनरल का पद नहीं।
- (C) 1853 के चार्टर एक्ट से परिषद की विधायी कार्यवाही में बदलाव आए, लेकिन बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाने वाला बदलाव 1833 में हो चुका था।
- (D) 1813 के चार्टर एक्ट ने पदनाम बदलने वाला बदलाव नहीं किया; यह बदलाव 1833 के चार्टर एक्ट से जुड़ा है।
अवधारणा
ब्रिटिश भारत में प्रशासनिक केंद्रीकरण और संवैधानिक विकास की कड़ी में 1773, 1813, 1833 और 1853 के एक्टों के बीच पदनाम और अधिकार-क्षेत्र के छोटे फर्क महत्वपूर्ण हैं। RAS में ऐसे फर्क से सही उत्तर तय होता है।
