RAS प्रश्न
पछुआ पवनें किन अक्षांशों के बीच बहती हैं?
सही उत्तर: (B) 30-60 डिग्री।
पछुआ पवनें 30-60 डिग्री अक्षांशों के बीच बहती हैं।
व्याख्या
पछुआ पवनों का क्षेत्र 30-60 डिग्री के बीच माना जाता है, क्योंकि सतह के पास हवा 30 डिग्री वाले उच्च दाब क्षेत्र से 60 डिग्री के पास बने निम्न दाब क्षेत्र की ओर बढ़ती है। National Weather Service के अनुसार, 30 डिग्री और 60 डिग्री उत्तर अक्षांश के बीच वाली परिसंचरण कोशिका में हवा की गति पछुआ पवनें बनाती है। पृथ्वी के घूर्णन और कोरिओलिस बल के कारण हवा सीधे उत्तर-दक्षिण नहीं चलती, बल्कि मुड़ती है; इसी से उत्तरी गोलार्ध में दिशा दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व और दक्षिणी गोलार्ध में उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व रहती है। शीतोष्ण क्षेत्रों में यही पवनें महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर वर्षा लाती हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 0-30 डिग्री क्षेत्र पछुआ पवनों का नहीं, व्यापारिक पवनों का क्षेत्र है, इसलिए यह 30-60 डिग्री वाली मध्य-अक्षांशीय पवन पट्टी से मेल नहीं खाता।
- (C) 60-90 डिग्री क्षेत्र ध्रुवीय पूर्वी पवनों से जुड़ा है, जबकि पछुआ पवनें 30 डिग्री उच्च दाब और 60 डिग्री निम्न दाब के बीच बनती हैं।
- (D) 0-23.5 डिग्री उष्ण कटिबंधीय पट्टी है, इसलिए यह पछुआ पवनों की 30-60 डिग्री वाली शीतोष्ण-मध्य अक्षांशीय पट्टी नहीं हो सकती।
अवधारणा
यह प्रश्न विश्व भूगोल में स्थायी पवनों और वायुदाब पट्टियों की मूल समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि अक्षांश, दाब-पट्टी और पवन-दिशा को जोड़कर जलवायु और वर्षा के कारण समझे जाते हैं।
