RAS प्रश्न
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भूमिगत रेडियो स्टेशन किसने चलाया?
सही उत्तर: (B) ऊषा मेहता।
भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भूमिगत कांग्रेस रेडियो, जिसे फ्रीडम रेडियो भी कहा गया, ऊषा मेहता ने चलाया था।
व्याख्या
भारत छोड़ो आंदोलन में “भूमिगत रेडियो स्टेशन” से जुड़ी प्रमुख भूमिका कांग्रेस रेडियो चलाने की थी, इसलिए पहचान सामान्य आंदोलनकारी भूमिका से नहीं, इसी विशिष्ट काम से तय होती है। ऊषा मेहता ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बॉम्बे में अलग-अलग स्थानों से कांग्रेस रेडियो को भूमिगत स्टेशन के रूप में चलाया। इसे फ्रीडम रेडियो भी कहा गया। स्टेशन लगातार स्थान बदलकर चलता था; यह खुला, वैध प्रसारण केंद्र नहीं था, बल्कि अंग्रेजी शासन से बचकर चलने वाला आंदोलनकारी माध्यम था। नवंबर 1942 में अंग्रेजों ने इसे पकड़ लिया। इसलिए अरुणा आसफ अली, सुचेता कृपलानी या सरोजिनी नायडू जैसी प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों के बजाय यह भूमिका ऊषा मेहता से जुड़ी थी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अरुणा आसफ अली भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय थीं, लेकिन भूमिगत कांग्रेस रेडियो चलाने की भूमिका उनसे नहीं, ऊषा मेहता से जुड़ी है।
- (C) सुचेता कृपलानी की भूमिका अलग थी; कांग्रेस रेडियो चलाने का विशिष्ट काम ऊषा मेहता से जुड़ा है।
- (D) सरोजिनी नायडू के संदर्भ में गिरफ्तारी का प्रसंग मिलता है, जबकि भूमिगत रेडियो स्टेशन चलाने की भूमिका ऊषा मेहता से जुड़ी है।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में भारत छोड़ो आंदोलन के भूमिगत चरण और उसमें व्यक्तियों की विशिष्ट भूमिकाएँ महत्वपूर्ण हैं। RAS में ऐसे तथ्य आंदोलन, माध्यम और स्वतंत्रता सेनानी को एक साथ जोड़कर याद रखने की मांग करते हैं।
