RAS प्रश्न
उत्तरी गोलार्ध में व्यापारिक पवनें किस दिशा से बहती हैं?
सही उत्तर: (C) उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम।
उत्तरी गोलार्ध में व्यापारिक पवनें उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती हैं।
व्याख्या
उत्तरी गोलार्ध में व्यापारिक पवनों की दिशा समझने की कुंजी कोरिओलिस प्रभाव है। ये पवनें भूमध्य रेखा और 30°N के बीच उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम बहती हैं, इसलिए इन्हें उत्तर-पूर्वी व्यापारिक पवनें कहा जाता है। NOAA भी बताता है कि भूमध्य रेखा के दोनों ओर लगभग 30° उत्तर से 30° दक्षिण तक पृथ्वी का घूर्णन हवा को भूमध्य रेखा की ओर झुका देता है; उत्तरी गोलार्ध में यह झुकाव दक्षिण-पश्चिमी दिशा में होता है। इसलिए सामान्य “पूर्व से पश्चिम” कहना अधूरा है: RAS में उत्तरी गोलार्ध की विशिष्ट दिशा उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम मानी जाती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पश्चिम से पूर्व बहने वाली पवनें पश्चिमी पवनों की दिशा से जुड़ती हैं; व्यापारिक पवनें उत्तरी गोलार्ध में ऐसी दिशा नहीं लेतीं।
- (B) व्यापारिक पवनें दोनों गोलार्धों में व्यापक रूप से पूर्व से पश्चिम चलती हैं, लेकिन उत्तरी गोलार्ध में उनकी विशिष्ट दिशा उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम होती है, सभी अक्षांशों पर सीधी पूर्व-पश्चिम नहीं।
- (D) दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व दिशा भारत की मानसूनी पवनों से जुड़ती है; उत्तरी गोलार्ध की व्यापारिक पवनों की दिशा इसके उलट उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम है।
अवधारणा
वैश्विक पवन प्रणाली और कोरिओलिस प्रभाव की बुनियादी समझ RAS के लिए महत्वपूर्ण है। जलवायु, मानसून और महासागरीय परिसंचरण की कई अवधारणाएं इसी दिशा-ज्ञान पर टिकती हैं।
