RAS प्रश्न
वेवेल योजना में वायसराय की कार्यकारी परिषद के पुनर्गठन का प्रस्ताव किस व्यवस्था के साथ रखा गया था?
सही उत्तर: (C) सवर्ण हिंदुओं और मुसलमानों को समान प्रतिनिधित्व।
वेवेल योजना में वायसराय की कार्यकारी परिषद के पुनर्गठन के लिए जाति हिंदुओं और मुसलमानों को समान अनुपात में प्रतिनिधित्व देने का प्रस्ताव था।
व्याख्या
जून 1945 की वेवेल योजना का केंद्र वायसराय की कार्यकारी परिषद को नए ढंग से बनाना था। ब्रिटिश संसद के Historic Hansard में रखे गए प्रस्ताव के अनुसार परिषद के सदस्यों का चयन भारतीय राजनीतिक जीवन के नेताओं में से होना था, ताकि मुख्य समुदायों का संतुलित प्रतिनिधित्व हो और मुसलमानों तथा जाति हिंदुओं का अनुपात समान रहे। इसी कारण विकल्प C सही है। परिषद में एक अनुसूचित जाति, एक सिख और एक पारसी/ईसाई सदस्य का स्थान भी सोचा गया था, जबकि वायसराय और कमांडर-इन-चीफ ब्रिटिश रहते। इसलिए यह योजना न तो केवल ब्रिटिश सदस्यों वाली थी और न केवल किसी एक दल की परिषद।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) आनुपातिक प्रतिनिधित्व सही नहीं है, क्योंकि प्रस्ताव का निर्णायक बिंदु आबादी के अनुपात से सीटें बांटना नहीं, बल्कि जाति हिंदुओं और मुसलमानों को समान अनुपात देना था।
- (B) केवल ब्रिटिश सदस्य कहना गलत है, क्योंकि प्रस्ताव में अधिकांश सदस्य भारतीय राजनीतिक जीवन के नेताओं में से लेने की बात थी; ब्रिटिश अपवाद वायसराय और कमांडर-इन-चीफ थे।
- (D) केवल कांग्रेस सदस्य कहना गलत है, क्योंकि प्रस्ताव मुख्य समुदायों के संतुलित प्रतिनिधित्व और मुसलमानों-जाति हिंदुओं की समानता पर आधारित था, किसी एक दल की परिषद पर नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न स्वतंत्रता आंदोलन के संवैधानिक प्रस्तावों और ब्रिटिश भारत में अंतरिम सत्ता-साझेदारी की राजनीति को परखता है। RAS में वेवेल योजना इसलिए बार-बार पूछी जाती है क्योंकि इसमें कांग्रेस, मुस्लिम लीग और सामुदायिक प्रतिनिधित्व की खींचतान साफ दिखती है।
