RAS प्रश्न
वेवेल योजना (1945) में क्या प्रस्ताव रखा गया था?
सही उत्तर: (B) समान हिंदू-मुस्लिम प्रतिनिधित्व के साथ कार्यकारी परिषद का पुनर्गठन।
वेवेल योजना 1945 ने वायसराय की कार्यकारी परिषद का पुनर्गठन इस आधार पर प्रस्तावित किया था कि वायसराय और सेनापति को छोड़कर परिषद में सवर्ण हिंदुओं और मुसलमानों का समान प्रतिनिधित्व हो।
व्याख्या
वेवेल योजना का मुख्य बिंदु भारत को तुरंत पूर्ण स्वतंत्रता देना नहीं था, बल्कि वायसराय की कार्यकारी परिषद को नए ढंग से बनाना था। योजना में ऐसी नई कार्यकारी परिषद का प्रस्ताव था जिसमें, वायसराय और सेनापति को छोड़कर, परिषद भारतीय सदस्यों की हो और सवर्ण हिंदुओं तथा मुसलमानों की संख्या बराबर रखी जाए। इसी बराबरी को योजना का केंद्रीय राजनीतिक आधार माना गया। इसलिए विकल्प B सही है: कार्यकारी परिषद का पुनर्गठन और हिंदू-मुस्लिम प्रतिनिधित्व की समानता वेवेल योजना का प्रमुख प्रस्ताव था। यह योजना शिमला सम्मेलन में सफल नहीं हो सकी, इसलिए इसे किसी लागू संवैधानिक व्यवस्था या स्वतंत्रता-प्रस्ताव की तरह नहीं पढ़ना चाहिए।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) योजना ने भारत के लिए पूर्ण स्वतंत्रता का प्रस्ताव नहीं रखा; उसका केंद्र वायसराय की कार्यकारी परिषद का नया गठन था।
- (C) प्रांतीय चुनाव इस योजना का मुख्य प्रस्ताव नहीं थे; इसका जोर कार्यकारी परिषद की रचना पर था।
- (D) वेवेल योजना ने भारत के विभाजन का प्रस्ताव नहीं रखा; इसमें सवर्ण हिंदुओं और मुसलमानों के समान प्रतिनिधित्व वाली परिषद की बात थी।
अवधारणा
यह बिंदु आधुनिक भारत के संवैधानिक प्रयासों और 1940 के दशक के सत्ता-हस्तांतरण से पहले की वार्ताओं से जुड़ा है। RAS में ऐसे बिंदु बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि इनमें योजना का वास्तविक प्रस्ताव, सम्मेलन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को अलग-अलग पहचानना पड़ता है।
