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RAS प्रश्न

सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान तमिलनाडु में वेदारण्यम नमक मार्च का नेतृत्व किसने किया?

सही उत्तर: (B) सी. राजगोपालाचारी।

अप्रैल 1930 में मद्रास प्रेसीडेंसी के वेदारण्यम नमक मार्च का नेतृत्व सी. राजगोपालाचारी ने किया था।

  1. (A)

    टी. प्रकाशम

  2. (B)

    सी. राजगोपालाचारी

  3. (C)

    ई.वी. रामास्वामी पेरियार

  4. (D)

    पोट्टि श्रीरामुलु

व्याख्या

वेदारण्यम नमक मार्च सविनय अवज्ञा आंदोलन में मद्रास प्रेसीडेंसी का नमक सत्याग्रह था। गांधी ने 1930 में दांडी में नमक सत्याग्रह शुरू किया, और तमिलनाडु में नमक सत्याग्रह कराने की जिम्मेदारी राजाजी यानी सी. राजगोपालाचारी को मिली। राजाजी ने कड़े विरोध के बावजूद वेदारण्यम में इसे सफलतापूर्वक किया। वे स्वतंत्रता सेनानियों के साथ 15 अप्रैल 1930 को वेदारण्यम की ओर चले, नमक कानून तोड़ा, और इसी कारण गिरफ्तार होकर जेल भेजे गए। इसलिए वेदारण्यम नमक मार्च के नेता सी. राजगोपालाचारी थे।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) टी. प्रकाशम वेदारण्यम नमक मार्च के नेता नहीं थे; इस प्रसंग में नेतृत्व की जिम्मेदारी राजाजी को मिली थी।
  • (C) ई.वी. रामास्वामी पेरियार ने इस मार्च का नेतृत्व नहीं किया; अभियान राजाजी ने वेदारण्यम में चलाया।
  • (D) पोट्टि श्रीरामुलु इस नमक सत्याग्रह के नेता नहीं थे; नेतृत्व, मार्च और गिरफ्तारी सी. राजगोपालाचारी से जुड़े थे।

अवधारणा

सविनय अवज्ञा आंदोलन का प्रांतीय विस्तार RAS के लिए महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय आंदोलनों को अलग-अलग क्षेत्रों और स्थानीय नेताओं से जोड़कर बार-बार पूछा जाता है।

स्रोत

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