RAS प्रश्न
राजस्थान की जनजातीय उप-योजना, अर्थात टीएसपी रणनीति, जनजातीय क्षेत्रों के लिए अलग से धनराशि निर्धारित करने पर जोर देती है। टीएसपी निधि आवंटन की सही न्यूनतम सीमा कौन-सी है?
सही उत्तर: (A) राज्य बजट में ST जनसंख्या के अनुपात में धन आवंटन।
जनजातीय उप-योजना में धनराशि राज्य की कुल आबादी में अनुसूचित जनजाति की हिस्सेदारी के अनुपात में अलग रखी जाती है।
व्याख्या
जनजातीय उप-योजना को 5वीं पंचवर्षीय योजना के दौर में जनजातीय लोगों के तेज सामाजिक-आर्थिक विकास की रणनीति के रूप में रखा गया था। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार यह राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की वार्षिक योजना का हिस्सा होती है, और इससे जनजातीय लोगों तथा जनजातीय क्षेत्रों को मिलने वाला लाभ सामान्य योजना से मिलने वाले लाभ के अतिरिक्त होता है। इसी कारण इसका मूल नियम निश्चित 10% या 20% नहीं है। जनजातीय उप-योजना के तहत दी जाने वाली राशि कम-से-कम उस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की अनुसूचित जनजाति आबादी के अनुपात में होनी चाहिए। राजस्थान में अनुसूचित जनजाति आबादी 13.48% मानी गई है, इसलिए विकास व्यय में लगभग 13-14% हिस्सा जनजातीय कल्याण के लिए अलग रखना इस सिद्धांत से मेल खाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) 10% का निश्चित हिस्सा जनजातीय उप-योजना का नियम नहीं है, क्योंकि आधार राज्य की अनुसूचित जनजाति आबादी का अनुपात है, कोई एक समान प्रतिशत नहीं।
- (C) 20% का निश्चित आवंटन भी गलत है, क्योंकि जनजातीय उप-योजना में राशि जनसंख्या-हिस्सेदारी से जुड़ती है, मनमाने स्थिर प्रतिशत से नहीं।
- (D) जनजातीय उप-योजना को केवल 50% से अधिक अनुसूचित जनजाति आबादी वाले जिलों तक सीमित नहीं किया गया है; इसका जोर जनजातीय लोगों और जनजातीय क्षेत्रों तक संसाधन पहुंचाने पर है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान भूगोल में जनजातीय क्षेत्रीय विकास और योजनागत संसाधन-वितरण की समझ जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि जनजातीय क्षेत्र, बजट आवंटन और सामाजिक न्याय राजस्थान की नीति-भूगोल से सीधे जुड़े हैं।
