Aspirant Academy

RAS प्रश्न

राजस्थान में पंचायती राज निकायों का कार्यकाल है:

सही उत्तर: (D) 5 वर्ष।

राजस्थान में पंचायती राज निकायों का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।

  1. (A)

    3 वर्ष

  2. (B)

    4 वर्ष

  3. (C)

    6 वर्ष

  4. (D)

    5 वर्ष

व्याख्या

पंचायती राज निकायों के कार्यकाल का आधार संविधान के भाग IX में मिलता है। अनुच्छेद 243B के अनुसार राज्यों में पंचायतें ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तरों पर गठित होती हैं। इसी भाग में अनुच्छेद 243E कहता है कि हर पंचायत, यदि किसी कानून के तहत पहले भंग न कर दी जाए, तो अपनी पहली बैठक के लिए नियत तारीख से 5 वर्ष तक ही जारी रहती है। इसलिए राजस्थान में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद, तीनों स्तरों के पंचायती राज निकायों का सामान्य कार्यकाल 5 वर्ष माना जाता है। यही वजह है कि 3 वर्ष, 4 वर्ष या 6 वर्ष जैसे विकल्प पंचायती राज निकायों की संवैधानिक अवधि से मेल नहीं खाते।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) 3 वर्ष बहुत छोटी अवधि है; संविधान के अनुच्छेद 243E में पंचायत की अवधि 5 वर्ष दी गई है।
  • (B) 4 वर्ष पंचायती राज निकायों की निर्धारित अवधि नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 243E हर पंचायत के लिए 5 वर्ष की अवधि बताता है।
  • (C) 6 वर्ष पंचायती राज निकायों के लिए नहीं है; यहां पूछी गई ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की अवधि 5 वर्ष है।

अवधारणा

यह प्रश्न पंचायती राज की संवैधानिक व्यवस्था, खासकर भाग IX और अनुच्छेद 243E की बुनियादी समझ जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि राजस्थान प्रशासन में स्थानीय स्वशासन की तीन-स्तरीय संरचना सीधे शासन-व्यवस्था से जुड़ती है।

स्रोत

संबंधित प्रश्न