RAS प्रश्न
राजस्थान विधानसभा में धन विधेयक प्रस्तुत किया जा सकता है:
सही उत्तर: (B) केवल राज्यपाल की पूर्व सिफारिश से।
राजस्थान विधानसभा में धन विधेयक केवल राज्यपाल की पूर्व सिफारिश पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
व्याख्या
अनुच्छेद 207 राज्य विधानमंडल के वित्तीय विधेयकों के लिए विशेष शर्त लगाता है। इस अनुच्छेद के तहत, अनुच्छेद 199(1) के उपखंड (क) से (च) में बताए गए विषयों पर प्रावधान करने वाला विधेयक या संशोधन राज्यपाल की सिफारिश के बिना प्रस्तुत या स्थानांतरित नहीं किया जा सकता। धन विधेयक इन्हीं वित्तीय विषयों से जुड़ा होता है, इसलिए राजस्थान विधानसभा में इसे सामान्य विधायक की स्वतंत्र पहल की तरह नहीं लाया जा सकता। विधेयक सदन में आता है, लेकिन उससे पहले राज्यपाल की सिफारिश आवश्यक होती है। इसी कारण सही विकल्प B है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) किसी भी विधायक द्वारा धन विधेयक प्रस्तुत करने की बात गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 207 ऐसे वित्तीय विषयों वाले विधेयक को राज्यपाल की सिफारिश के बिना प्रस्तुत करने से रोकता है।
- (C) अध्यक्ष धन विधेयक प्रस्तुत करने वाला प्राधिकारी नहीं है; धन विधेयक प्रस्तुत करने की संवैधानिक शर्त राज्यपाल की पूर्व सिफारिश है।
- (D) राज्यपाल सीधे सदन में धन विधेयक प्रस्तुत नहीं करता; उसकी भूमिका ऐसे विधेयक के लिए पूर्व सिफारिश देने की है।
अवधारणा
राज्य विधानमंडल में वित्तीय विधेयकों की संवैधानिक प्रक्रिया, खासकर अनुच्छेद 207, राज्यपाल की सिफारिश और विधानसभा की वित्तीय शक्ति के संबंध को तय करती है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि राज्यपाल, विधानसभा और वित्तीय नियंत्रण के संबंध राजस्थान की राजव्यवस्था के मूल हिस्से हैं।
