RAS प्रश्न
दल-बदल विरोधी कानून संविधान की किस अनुसूची में है?
सही उत्तर: (C) 10वीं अनुसूची (52वां संशोधन)।
दल-बदल विरोधी कानून संविधान की 10वीं अनुसूची में है, जिसे 52वें संविधान संशोधन, 1985 से जोड़ा गया था।
व्याख्या
दल-बदल विरोधी कानून को पहचानने का सबसे सीधा तरीका 10वीं अनुसूची का शीर्षक देखना है: इसमें दल-बदल के आधार पर अयोग्यता के प्रावधान दिए गए हैं। आधिकारिक संविधान पाठ में 10वीं अनुसूची को अनुच्छेद 102(2) और 191(2) से जोड़ा गया है, इसलिए यह सिर्फ संसद सदस्यों तक सीमित नहीं रहती; राज्य विधानमंडल के सदस्यों, यानी विधायकों पर भी लागू होती है। इसी अनुसूची के पैरा 2 में दल-बदल के आधार पर सदस्य की अयोग्यता का आधार रखा गया है। स्रोत में यह भी साफ है कि 10वीं अनुसूची 52वें संविधान संशोधन, 1985 से जोड़ी गई थी। इसलिए विकल्प C ही सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) अनुच्छेद 356 सही नहीं है, क्योंकि आधिकारिक संविधान पाठ दल-बदल से जुड़ी अयोग्यता को 10वीं अनुसूची और अनुच्छेद 102(2), 191(2) से जोड़ता है।
- (B) 9वीं अनुसूची गलत है, क्योंकि स्रोत में दल-बदल के आधार पर अयोग्यता वाले प्रावधान स्पष्ट रूप से 10वीं अनुसूची के अंतर्गत दिए गए हैं।
- (D) अनुच्छेद 370 गलत है, क्योंकि दल-बदल विरोधी कानून का आधार स्रोत में 10वीं अनुसूची बताया गया है, कोई अलग अनुच्छेद नहीं।
अवधारणा
यह सवाल भारतीय संविधान में विधायिका के सदस्यों की अयोग्यता और दल-बदल विरोधी व्यवस्था की समझ जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि राजस्थान विधानसभा के विधायकों पर भी 10वीं अनुसूची लागू होती है।
