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RAS प्रश्न

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में सूरत विभाजन (1907) किस मुद्दे पर हुआ?

सही उत्तर: (A) संघर्ष के तरीकों पर नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच मतभेद।

सूरत विभाजन 1907 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच संघर्ष के तरीकों और कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर हुए मतभेद से जुड़ा था।

  1. (A)

    संघर्ष के तरीकों पर नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच मतभेद

  2. (B)

    मुस्लिम लीग के साथ विलय

  3. (C)

    गाँधी के नेतृत्व का विरोध

  4. (D)

    पाकिस्तान की माँग

व्याख्या

सूरत विभाजन का मूल कारण कांग्रेस के भीतर दो धाराओं का टकराव था। नरमपंथी नेतृत्व, जिसमें गोखले और फेरोजशाह मेहता जैसे नेता थे, संवैधानिक तरीकों, याचिकाओं और क्रमिक सुधारों को उचित रास्ता मानता था। गरमपंथी नेतृत्व, जिसमें तिलक, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे नेता थे, स्वराज, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा जैसे अधिक प्रत्यक्ष कार्यक्रम पर जोर देता था। दोनों समूह ब्रिटिश शासन का विरोध अलग राजनीतिक तरीकों से करना चाहते थे और इन्हीं मतभेदों ने 1907 के विभाजन को जन्म दिया। तात्कालिक टकराव अध्यक्ष पद पर दिखा: गरमपंथी लाजपत राय को चाहते थे, जबकि नरमपंथियों ने रास बिहारी घोष को आगे किया।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) मुस्लिम लीग के साथ कांग्रेस के विलय का कोई प्रस्ताव सूरत विभाजन का कारण नहीं था।
  • (C) 1907 में सूरत विभाजन गांधी के नेतृत्व-विरोध से जुड़ा नहीं था, क्योंकि उस समय गांधी राष्ट्रीय नेतृत्व की मुख्य भूमिका में नहीं थे।
  • (D) पाकिस्तान की मांग सूरत विभाजन का मुद्दा नहीं हो सकती, क्योंकि यह मुस्लिम लीग की 1940 की मांग थी।

अवधारणा

आधुनिक भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में कांग्रेस की आंतरिक धाराओं और उनके राजनीतिक तरीकों की समझ जरूरी है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि इससे स्वदेशी आंदोलन, कांग्रेस संगठन और आगे के जन-आंदोलनों की पृष्ठभूमि साफ होती है।

स्रोत

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