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RAS प्रश्न

भारत छोड़ो आंदोलन में सतारा में समानांतर सरकार किसके नेतृत्व में बनी?

सही उत्तर: (B) नाना पाटिल।

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान सतारा, महाराष्ट्र में प्रति सरकार नाना पाटिल के नेतृत्व में बनी थी।

  1. (A)

    अच्युत पटवर्धन

  2. (B)

    नाना पाटिल

  3. (C)

    राम मनोहर लोहिया

  4. (D)

    जयप्रकाश नारायण

व्याख्या

सतारा की प्रति सरकार नाना पाटिल से इसलिए सीधे जुड़ती है, क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन के समय ब्रिटिश राज की सत्ता को चुनौती देने के लिए देश के कुछ हिस्सों में समानांतर सरकारें बनीं। सतारा, महाराष्ट्र में 1942-43 के दौरान ऐसी सरकार बनी, जिसे प्रति सरकार कहा गया, और यह क्रांतिसिंह नाना पाटिल के नेतृत्व में थी। नाना पाटिल ने सतारा में इस समानांतर सरकार की स्थापना की और यह 1943 से 1946 तक सक्रिय रही। इसलिए सतारा और समानांतर सरकार/प्रति सरकार का संबंध सीधे नाना पाटिल के नेतृत्व से है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अच्युत पटवर्धन भूमिगत प्रतिरोध से जुड़े थे, लेकिन सतारा की प्रति सरकार के गठन का नेतृत्व उनसे नहीं जोड़ा गया है।
  • (C) राम मनोहर लोहिया भूमिगत गतिविधियों और रेडियो से जुड़े थे, पर सतारा की समानांतर सरकार नाना पाटिल के नेतृत्व में बनी थी।
  • (D) जयप्रकाश नारायण बिहार में भूमिगत गतिविधियों के नेतृत्व से जुड़े थे, इसलिए सतारा की प्रति सरकार के लिए उनका नाम सही नहीं है।

अवधारणा

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान बनी समानांतर सरकारों और स्थानीय प्रतिरोध के नेतृत्व में स्थान-नेता संबंध अहम हैं। RAS में आधुनिक भारत के जन-आंदोलनों से ऐसे स्थान-नेता संबंध बार-बार पूछे जाते हैं।

स्रोत

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