RAS प्रश्न
राजस्थान विधानसभा के एक वर्ष में न्यूनतम कितने सत्र आयोजित किए जाने चाहिए?
सही उत्तर: (C) दो।
राजस्थान विधानसभा के लिए एक वर्ष में न्यूनतम 2 सत्र आवश्यक माने जाते हैं, क्योंकि राज्य विधानमंडल के 2 सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक अंतर नहीं हो सकता।
व्याख्या
भारत के संविधान का अनुच्छेद 174 राज्यपाल को राज्य विधानमंडल के सदन को समय-समय पर बुलाने का अधिकार देता है, लेकिन साथ ही यह सीमा लगाता है कि एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच 6 महीने से अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। इसी नियम से न्यूनतम संख्या निकलती है: यदि पूरे वर्ष में केवल 1 सत्र हो, तो अगले सत्र तक 6 महीने से अधिक अंतर पड़ सकता है। इसलिए संवैधानिक आवश्यकता पूरी करने के लिए कम से कम 2 सत्र चाहिए। व्यवहार में राजस्थान विधानसभा में बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र जैसे 3 सत्र दिख सकते हैं, पर वे न्यूनतम संवैधानिक संख्या नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) तीन सत्र व्यवहार में आम हो सकते हैं, लेकिन अनुच्छेद 174 केवल 2 सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक अंतर न होने की शर्त लगाता है; वह 3 सत्रों को न्यूनतम नहीं बनाता।
- (B) एक सत्र पर्याप्त नहीं है, क्योंकि फिर अगले सत्र की पहली बैठक तक 6 महीने से अधिक अंतर आने की संभावना रहेगी, जो अनुच्छेद 174 की शर्त से मेल नहीं खाता।
- (D) चार सत्रों की कोई संवैधानिक अनिवार्यता नहीं है; अनुच्छेद 174 की शर्त को पूरा करने के लिए न्यूनतम 2 सत्र पर्याप्त हैं।
अवधारणा
यह प्रश्न राज्य विधानमंडल की बैठक बुलाने और सत्रों के अंतराल से जुड़े संवैधानिक प्रावधान को परखता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली को भारतीय संविधान के सामान्य राज्य-विधानमंडल ढांचे से जोड़कर पूछा जाता है।
