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RAS प्रश्न

महालवाड़ी भूमि राजस्व प्रणाली कहाँ शुरू की गई?

सही उत्तर: (B) उत्तर-पश्चिमी प्रांत, पंजाब और मध्य भारत के कुछ भाग।

महालवाड़ी भूमि राजस्व प्रणाली उत्तर-पश्चिमी प्रांतों, पंजाब और मध्य भारत के कुछ भागों में लागू की गई थी।

  1. (A)

    मद्रास और बंबई

  2. (B)

    उत्तर-पश्चिमी प्रांत, पंजाब और मध्य भारत के कुछ भाग

  3. (C)

    बंगाल और ओडिशा

  4. (D)

    असम और बर्मा

व्याख्या

महालवाड़ी व्यवस्था में राजस्व का आधार अलग-अलग किसान नहीं, बल्कि पूरा गाँव या महल था। होल्ट मैकेंज़ी ने 1822 में यह व्यवस्था बनाई; बाद में लॉर्ड विलियम बेंटिंक के समय इसे और व्यवस्थित किया गया। इसमें गाँव के भीतर हर खेत का अनुमानित राजस्व जोड़कर पूरे गाँव पर देय राजस्व तय किया जाता था। गाँव का मुखिया या लंबरदार किसानों से हिस्सा वसूलकर सरकार को देता था। इसी कारण इसका नाम महालवाड़ी पड़ा। eGyanKosh में यह व्यवस्था पंजाब, उत्तर-पश्चिमी प्रांतों और मध्य प्रांत/मध्य भारत के क्षेत्रों में बताई गई है। स्थायी बंदोबस्त से फर्क यह था कि यहाँ माँग हमेशा के लिए स्थिर नहीं थी, बल्कि समय-समय पर संशोधित हो सकती थी।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) मद्रास और बंबई को महालवाड़ी क्षेत्र नहीं माना जाता, क्योंकि ये रैयतवाड़ी व्यवस्था से जुड़े थे।
  • (C) बंगाल महालवाड़ी व्यवस्था का मुख्य क्षेत्र नहीं था, क्योंकि बंगाल स्थायी बंदोबस्त से जुड़ा था।
  • (D) असम और बर्मा को महालवाड़ी व्यवस्था के लागू क्षेत्रों में नहीं रखा गया, क्योंकि इनके लिए अलग प्रशासनिक व्यवस्थाएँ थीं।

अवधारणा

यह प्रश्न ब्रिटिश काल की भूमि-राजस्व व्यवस्थाओं में क्षेत्रीय अंतर को परखता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि स्थायी, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी व्यवस्थाओं की तुलना से औपनिवेशिक आर्थिक नीति समझी जाती है।

स्रोत

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