RAS प्रश्न
1916 का लखनऊ समझौता महत्वपूर्ण था क्योंकि इसने:
सही उत्तर: (D) उदारवादियों और उग्रवादियों को एकजुट किया, और कांग्रेस-मुस्लिम लीग गठबंधन बनाया।
1916 का लखनऊ समझौता इसलिए महत्वपूर्ण था कि उसने कांग्रेस के नरमपंथी और गरमपंथी धड़ों को फिर जोड़ा और कांग्रेस-मुस्लिम लीग के बीच समझौता कराया।
व्याख्या
लखनऊ समझौता दिसंबर 1916 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के बीच हुआ समझौता था। इसका महत्व दो स्तरों पर था। पहला, लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस के नरमपंथी और गरमपंथी धड़े फिर साथ आए और कांग्रेस के दोनों धड़ों का पुनर्मिलन हुआ। दूसरा, कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच राजनीतिक समझ बनी। इसी समझौते में कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए प्रांतीय परिषद चुनावों में पृथक निर्वाचक मंडल स्वीकार किए। सही बिंदु केवल संगठनात्मक एकता नहीं, बल्कि कांग्रेस-मुस्लिम लीग गठबंधन भी है। तिलक और एनी बेसेंट ने इसमें प्रमुख भूमिका निभाई।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह उलटा है, क्योंकि लखनऊ समझौते में कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल स्वीकार किए थे।
- (B) पूर्ण स्वतंत्रता की माँग 1916 के लखनऊ समझौते का मुद्दा नहीं थी; यह माँग 1929 में सामने आई।
- (C) असहयोग आंदोलन लखनऊ समझौते से शुरू नहीं हुआ; वह 1920 में शुरू हुआ।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में राष्ट्रीय आंदोलन के संगठनात्मक गठबंधनों और सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की राजनीति RAS के लिए महत्वपूर्ण है। 1916 का समझौता कांग्रेस की आंतरिक एकता और कांग्रेस-मुस्लिम लीग संबंध, दोनों को एक साथ जोड़ता है।
