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RAS प्रश्न

खेड़ा सत्याग्रह (1918) मुख्य रूप से किस मुद्दे से संबंधित था?

सही उत्तर: (B) फसल खराब होने पर राजस्व में छूट।

खेड़ा सत्याग्रह (1918) का मुख्य मुद्दा गुजरात के खेड़ा जिले में फसल खराबी के बावजूद वसूले जा रहे भू-राजस्व में छूट था।

  1. (A)

    बेगार प्रथा की समाप्ति

  2. (B)

    फसल खराब होने पर राजस्व में छूट

  3. (C)

    श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन

  4. (D)

    भूमि पुनर्वितरण

व्याख्या

खेड़ा सत्याग्रह 1918 में गुजरात के खेड़ा जिले के किसानों के राजस्व-संकट से जुड़ा था। फसल गंभीर रूप से खराब हुई थी और क्षेत्र अकाल जैसी हालत से गुजर रहा था, फिर भी औपनिवेशिक प्रशासन ने पूरा भू-राजस्व मांगना जारी रखा। Britannica के अनुसार उपज 25 प्रतिशत की उस सीमा से भी नीचे मानी गई थी, जिसके आधार पर किसानों को पूरी राजस्व-छूट मिल सकती थी। इसी इनकार के कारण किसानों ने महात्मा गांधी और वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में अहिंसक असहयोग अपनाया और कर न चुकाने की रणनीति बनाई। इसलिए सही मुद्दा बेगार, मजदूरी या भूमि-वितरण नहीं, बल्कि फसल विफलता के समय भू-राजस्व में छूट था।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) बेगार प्रथा की समाप्ति खेड़ा सत्याग्रह का मुख्य मुद्दा नहीं था, क्योंकि वहां संघर्ष फसल खराबी के बावजूद पूरे भू-राजस्व की मांग के खिलाफ था।
  • (C) श्रमिकों के वेतन का विवाद खेड़ा के किसान आंदोलन से नहीं, अहमदाबाद मिल हड़ताल जैसे औद्योगिक श्रमिक संघर्ष से जुड़ा था।
  • (D) भूमि पुनर्वितरण खेड़ा सत्याग्रह की मांग नहीं थी; किसानों की मांग कर-वसूली रोकने और राजस्व-छूट देने पर केंद्रित थी।

अवधारणा

यह प्रश्न आधुनिक भारतीय इतिहास में गांधीवादी सत्याग्रहों को उनके मूल सामाजिक-आर्थिक मुद्दों से जोड़ने की समझ जांचता है। RAS में यह इसलिए उपयोगी है क्योंकि चंपारण, अहमदाबाद और खेड़ा जैसे शुरुआती आंदोलनों के स्थान, वर्ग और मांगें अलग-अलग थीं।

स्रोत

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