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RAS प्रश्न

1931 का कराची अधिवेशन किसके लिए महत्वपूर्ण है:

सही उत्तर: (A) मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर प्रस्ताव।

1931 का कराची अधिवेशन मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर प्रस्ताव पारित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

  1. (A)

    मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर प्रस्ताव

  2. (B)

    विभाजन योजना

  3. (C)

    भारत छोड़ो प्रस्ताव

  4. (D)

    असहयोग का आन्दोलन

व्याख्या

कराची अधिवेशन मार्च 1931 में हुआ और मौलिक अधिकारों तथा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम के प्रस्ताव के कारण यादगार है। इस अधिवेशन की अध्यक्षता सरदार पटेल ने की थी और नेहरू द्वारा तैयार प्रस्ताव पारित हुआ था। इसका महत्व केवल एक राजनीतिक घोषणा तक सीमित नहीं था: इसमें नागरिक स्वतंत्रता, जीवन निर्वाह वेतन, श्रम अधिकार और प्रमुख उद्योगों में राज्य की भूमिका जैसे बिंदु रखे गए। राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम के प्रस्ताव का मूल तर्क था कि जनता के शोषण को समाप्त करने के लिए राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ वास्तविक आर्थिक स्वतंत्रता भी जरूरी है। इसलिए यह प्रस्ताव स्वतंत्र भारत के शासन और आर्थिक सोच की शुरुआती रूपरेखा माना जाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) विभाजन योजना 1931 के कराची अधिवेशन का मुद्दा नहीं थी; यह बहुत बाद की घटना है।
  • (C) भारत छोड़ो प्रस्ताव 1942 से जुड़ा है, इसलिए उसे 1931 के कराची अधिवेशन की विशेषता नहीं माना जा सकता।
  • (D) असहयोग आंदोलन 1920 से जुड़ा था, जबकि कराची अधिवेशन 1931 में मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम के प्रस्ताव के लिए महत्वपूर्ण था।

अवधारणा

आधुनिक भारत में कांग्रेस की नीतिगत दिशा, मौलिक अधिकारों और आर्थिक कार्यक्रम का विकास इस प्रसंग से जुड़ता है। RAS में यह प्रसंग बार-बार आता है क्योंकि यह राष्ट्रीय आंदोलन को संविधान और स्वतंत्र भारत की आर्थिक सोच से जोड़ता है।

स्रोत

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