RAS प्रश्न
राजस्थान की कामधेनु योजना मुख्यतः किस उद्देश्य से शुरू की गई थी?
सही उत्तर: (B) वैज्ञानिक प्रजनन और दूध उत्पादन बढ़ाकर देशी गाय और भैंस की नस्लों में सुधार।
राजस्थान की कामधेनु डेयरी योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत देशी गोवंशीय नस्लों के संवर्धन के लिए संचालित की गई थी।
व्याख्या
कामधेनु योजना का मुख्य लक्ष्य देशी गाय और भैंस की नस्लों में सुधार से जुड़ा था, इसलिए विकल्प B सही है। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2021-22 में कामधेनु डेयरी योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत देशी नस्लों के संवर्धन के लिए संचालित थी। थारपारकर और गिर नस्ल के संरक्षण तथा प्रसार के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक से भ्रूण आरोपण भी इसी नस्ल-सुधार दृष्टि से जुड़ा था। योजना का केंद्र केवल आश्रय या सामान्य पशुपालन नहीं था, बल्कि देशी गोवंशीय नस्लों का वैज्ञानिक संवर्धन था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ऊंट पालन और ऊंट दूध उत्पाद कामधेनु योजना का केंद्र नहीं हैं; ऊंट दूध संवर्धन NRCC और अलग योजनाओं से जुड़ा है, जबकि कामधेनु योजना गोवंशीय नस्ल सुधार पर केंद्रित है।
- (C) ऊन उत्पादन और कालीन उद्योग का विकास इस योजना का उद्देश्य नहीं है; यह क्षेत्र CWDB और राजस्थान ऊन बोर्ड से जुड़ा है, कामधेनु योजना से नहीं।
- (D) कामधेनु योजना गौशालाओं को सहायता दे सकती है, लेकिन उसका व्यापक उद्देश्य केवल गौशाला निर्माण या आवारा मवेशी प्रबंधन नहीं, बल्कि वैज्ञानिक नस्ल सुधार और दूध वृद्धि है।
अवधारणा
राजस्थान की पशुधन एवं डेयरी विकास योजनाओं में उद्देश्य-आधारित पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसी योजनाएं इसलिए बार-बार आती हैं क्योंकि कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था राजस्थान भूगोल के स्थायी हिस्से हैं।
