RAS प्रश्न
1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम किस वायसराय के काल में पारित हुआ?
सही उत्तर: (B) लॉर्ड कर्ज़न।
1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम लॉर्ड कर्ज़न के वायसराय काल में पारित हुआ था।
व्याख्या
1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम लॉर्ड कर्ज़न की शिक्षा-नीति का हिस्सा था। कर्ज़न भारतीय विश्वविद्यालयों की हालत से संतुष्ट नहीं था और उसने 1901 में शिमला में शिक्षा निदेशकों तथा विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों का सम्मेलन बुलाया। इसके बाद 27 जनवरी 1902 को सर थॉमस रैले की अध्यक्षता में भारतीय विश्वविद्यालय आयोग बनाया गया। आयोग की सिफारिशों के बाद 1904 का सरकारी प्रस्ताव आया और फिर भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 पारित हुआ। अधिनियम ने सीनेट का आकार घटाया, फेलो की संख्या 60 से 100 के बीच रखी, सिंडिकेट का महत्व बढ़ाया और नियम न बनाने पर सरकार को हस्तक्षेप का अधिकार दिया। इसी कारण राष्ट्रवादी मत ने इसे संदेह से देखा।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) लॉर्ड डफरिन का कार्यकाल 1884 से 1888 तक था, इसलिए 1904 में पारित अधिनियम उसके काल से नहीं जुड़ सकता।
- (C) लॉर्ड रिपन का कार्यकाल 1884 में समाप्त हो चुका था, इसलिए 1904 का भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम उसके वायसराय काल में नहीं आ सकता।
- (D) लॉर्ड मिंटो ने 1905 में कर्ज़न के बाद पद संभाला, इसलिए 1904 में पारित अधिनियम मिंटो के काल का नहीं था।
अवधारणा
आधुनिक भारत में औपनिवेशिक शिक्षा-नीति और उच्च शिक्षा पर सरकारी नियंत्रण को समझने के लिए यह तथ्य महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे बिंदु बार-बार आते हैं क्योंकि शिक्षा-सुधार, राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया और वायसरायों की नीतियां एक-दूसरे से सीधे जुड़ी रहती हैं।
