RAS प्रश्न
भारतीय सांविधिक आयोग (साइमन आयोग) ने अपनी रिपोर्ट कब प्रस्तुत की?
सही उत्तर: (C) 1930।
भारतीय सांविधिक आयोग, जिसे साइमन आयोग कहा जाता है, ने अपनी रिपोर्ट मई 1930 में प्रस्तुत की।
व्याख्या
साइमन आयोग को नवंबर 1927 में नियुक्त किया गया था, इसलिए रिपोर्ट का वर्ष नियुक्ति-वर्ष से अलग है। प्रश्न में पूछा गया है कि भारतीय सांविधिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट कब प्रस्तुत की; उसने मई 1930 में अपनी दो-खंडों वाली रिपोर्ट प्रस्तुत की। यही कारण है कि 1930 सही उत्तर है। रिपोर्ट में द्वैध शासन समाप्त करने, प्रांतों में प्रतिनिधि शासन बढ़ाने और केंद्र में संघीय ढांचे की दिशा में सुझाव दिए गए थे। लेकिन रिपोर्ट आते-आते राजनीतिक स्थिति आगे बढ़ चुकी थी: नेहरू रिपोर्ट 1928 में आ चुकी थी और 1929 में पूर्ण स्वराज की मांग सामने आ गई थी। फिर भी इसकी सिफारिशों ने भारत शासन अधिनियम, 1935 को प्रभावित किया।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) 1927 साइमन आयोग की नियुक्ति का वर्ष था, जबकि रिपोर्ट मई 1930 में प्रस्तुत की गई थी।
- (B) 1932 सांप्रदायिक पुरस्कार से जुड़ा वर्ष था, साइमन आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने का वर्ष नहीं।
- (D) 1935 भारत शासन अधिनियम का वर्ष था; साइमन आयोग की रिपोर्ट उससे पहले मई 1930 में प्रस्तुत हो चुकी थी।
अवधारणा
यह प्रश्न आधुनिक भारत के संवैधानिक विकास में आयोगों, रिपोर्टों और अधिनियमों की कालानुक्रमिक समझ जांचता है। आरएएस में 1927, 1930, 1932 और 1935 जैसी तिथियां अक्सर साथ रखकर भ्रम पैदा किया जाता है।
