RAS प्रश्न
भारतीय प्रेस अधिनियम कब पारित हुआ?
सही उत्तर: (D) 1910।
भारतीय प्रेस अधिनियम 1910 में पारित हुआ और इसने सरकार को आपत्तिजनक तथा देशद्रोही प्रकाशनों पर कड़ी कार्रवाई की व्यापक शक्ति दी।
व्याख्या
भारतीय प्रेस अधिनियम का सही वर्ष 1910 है। 1905 के बंग-भंग विरोध के बाद प्रेस सरकारी दमन के केंद्र में आया; 1908 में समाचारपत्र (अपराधों के लिए उकसावा) अधिनियम पारित हुआ, जिसके तहत हिंसा भड़काने वाले लेखों पर प्रेस जब्त करने की शक्ति दी गई। इसके बाद भारतीय प्रेस अधिनियम, 1910 आया। लॉर्ड मिंटो के कार्यकाल में बने इस अधिनियम ने मजिस्ट्रेटों और स्थानीय सरकारों को प्रेस तथा अखबार प्रकाशकों से जमानत राशि मांगने और आपत्तिजनक प्रकाशन छपने पर उसे जब्त करने की शक्ति दी। देशद्रोही लेखन की परिभाषा बढ़ाई गई और आपत्तिजनक प्रकाशन तय करने का अधिकार अदालत के बजाय प्रांतीय सरकारों को मिला।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) 1908 में समाचारपत्र (अपराधों के लिए उकसावा) अधिनियम पारित हुआ था, जबकि भारतीय प्रेस अधिनियम उसके बाद 1910 में आया।
- (B) 1912 सही नहीं है, क्योंकि भारतीय प्रेस अधिनियम 1910 का अधिनियम था।
- (C) 1915 भारतीय प्रेस अधिनियम का वर्ष नहीं है, क्योंकि यह अधिनियम 1908 के प्रेस-कानून के बाद 1910 में आया।
अवधारणा
आधुनिक भारत में प्रेस की स्वतंत्रता और औपनिवेशिक दमनकारी कानून राष्ट्रीय आंदोलन की समझ के लिए महत्वपूर्ण हैं। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि राष्ट्रीय आंदोलन, प्रेस और ब्रिटिश कानूनों का संबंध सीधे राजनीतिक चेतना से जुड़ा है।
