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RAS प्रश्न

1909 का भारतीय परिषद अधिनियम (मॉर्ले-मिंटो सुधार) महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने:

सही उत्तर: (A) मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल शुरू किया।

भारतीय परिषद अधिनियम 1909 का मुख्य महत्व यह था कि इसने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल शुरू किया।

  1. (A)

    मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल शुरू किया

  2. (B)

    उत्तरदायी सरकार दी

  3. (C)

    वायसराय का वीटो समाप्त किया

  4. (D)

    सार्वभौमिक मताधिकार शुरू किया

व्याख्या

भारतीय परिषद अधिनियम 1909, जिसे मॉर्ले-मिंटो सुधार भी कहा जाता है, इसलिए निर्णायक माना जाता है क्योंकि इसी ने मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की व्यवस्था शुरू की। इसका अर्थ था कि मुस्लिम प्रतिनिधित्व को अलग चुनावी आधार पर मान्यता दी गई। इसी अधिनियम ने भारतीयों को विधान परिषदों में स्थान दिया, परिषदों का आकार बढ़ाया और एस.पी. सिन्हा को वायसराय की कार्यकारी परिषद का पहला भारतीय सदस्य बनने का रास्ता दिया। इस अधिनियम का महत्व किसी सामान्य प्रशासनिक सुधार से अधिक पृथक निर्वाचक मंडल और सीमित भारतीय भागीदारी के विस्तार से जुड़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) उत्तरदायी सरकार भारतीय परिषद अधिनियम 1909 की देन नहीं थी; यह व्यवस्था बाद के सुधारों में आंशिक रूप से 1919 में आई।
  • (C) 1909 के अधिनियम ने वायसराय का वीटो समाप्त नहीं किया, इसलिए इसे वायसराय की शक्ति घटाने वाला ऐसा कदम नहीं माना जा सकता।
  • (D) इस अधिनियम ने सार्वभौमिक मताधिकार नहीं दिया; सही बिंदु मुसलमानों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल था, सभी वयस्कों को मताधिकार नहीं।

अवधारणा

आधुनिक भारत के संवैधानिक सुधारों और ब्रिटिश शासन में प्रतिनिधित्व की प्रकृति से जुड़ी समझ यहाँ निर्णायक है। RAS में 1909, 1919 और बाद के सुधार बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि इनके बीच अधिकार, प्रतिनिधित्व और मताधिकार के फर्क से सीधे विकल्प बनते हैं।

स्रोत

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