RAS प्रश्न
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का हाड़ौती पठार मुख्य रूप से किस प्रकार की चट्टानों से बना है?
सही उत्तर: (C) दक्कन ट्रैप बेसाल्ट और लावा प्रवाह।
दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का हाड़ौती पठार दक्कन ट्रैप के उत्तरी विस्तार से जुड़ा है और मुख्य रूप से बेसाल्टिक लावा प्रवाहों से बना माना जाता है।
व्याख्या
हाड़ौती पठार कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ क्षेत्र से जुड़ा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का पठारी भाग है। हाड़ौती क्षेत्र पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान का हिस्सा है, और इसके उप-क्षेत्रों में दक्कन उच्चभूमि आती है। इसी दक्कन संबंध के कारण यहां काली मिट्टी मिलती है और दक्कन ट्रैप लावा के स्पष्ट निक्षेप पाए जाते हैं। इसलिए चट्टानी आधार को सामान्य ग्रेनाइट-नीस, केवल बलुआ पत्थर या केवल चूना पत्थर-डोलोमाइट से नहीं समझाया जा सकता। हाड़ौती की पहचान दक्कन ट्रैप के लावा प्रवाहों और उनसे जुड़ी काली कपास मिट्टी से बनती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ग्रेनाइट और नीस राजस्थान के कुछ भागों में मिलते हैं, लेकिन हाड़ौती पठार की पहचान दक्कन ट्रैप लावा और उससे जुड़ी काली मिट्टी से बताई जाती है।
- (B) केवल बलुआ पत्थर कहना अधूरा है, क्योंकि हाड़ौती के दक्कन उच्चभूमि भाग में दक्कन ट्रैप लावा के निक्षेप और काली मिट्टी मिलती है।
- (D) चूना पत्थर और डोलोमाइट कुछ क्षेत्रों में हो सकते हैं, पर हाड़ौती पठार को केवल इन्हीं से बना बताना दक्कन ट्रैप लावा वाली मुख्य भौगोलिक पहचान को छोड़ देता है।
अवधारणा
राजस्थान के भौतिक प्रदेशों और उनके भूगर्भीय आधार को साथ समझना जरूरी है। RAS में हाड़ौती, अरावली और पश्चिमी मरुस्थल जैसे प्रदेश बार-बार इसलिए पूछे जाते हैं क्योंकि चट्टान, मिट्टी और स्थलाकृति को साथ पढ़ना पड़ता है।
