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RAS प्रश्न

कृषि में 'हरित क्रांति' मुख्य रूप से किस प्रकार के बीजों के विकास से जुड़ी है?

सही उत्तर: (B) उच्च उपज किस्म (HYV) बीज।

कृषि में हरित क्रांति मुख्य रूप से उच्च उपज किस्म (HYV) बीजों, खासकर बौनी गेहूं और चावल की किस्मों, के विकास और व्यापक अपनाने से जुड़ी थी।

  1. (A)

    आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) बीज

  2. (B)

    उच्च उपज किस्म (HYV) बीज

  3. (C)

    बिना सिंचाई वाले संकर बीज

  4. (D)

    जैविक खुले परागण वाले बीज

व्याख्या

हरित क्रांति 1960–70 के दशक का कृषि-तकनीकी बदलाव था, जिसका केंद्र खेतों में उत्पादन बढ़ाना था। NCERT सामाजिक विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण पुस्तिका के अनुसार, इस तकनीक से भारतीय कृषि में अधिक उपज देने वाली गेहूं और चावल की किस्में आईं। हरित क्रांति की असली पहचान HYV बीजों, विशेषकर बौनी गेहूं और चावल की किस्मों, से बनी। नॉर्मन बोरलॉग ने मेक्सिको में अर्ध-बौनी गेहूं विकसित की और एमएस स्वामीनाथन ने भारत में इस प्रयास को आगे बढ़ाया। हरित क्रांति का केंद्र GM या जैविक बीज नहीं, बल्कि HYV बीज थे।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) GM बीज 1990–2000 के दशक की जैव-प्रौद्योगिकी से जुड़े हैं, जबकि हरित क्रांति का आधार 1960–70 के दशक में अधिक उपज देने वाली गेहूं और चावल की किस्में थीं।
  • (C) हरित क्रांति के HYV बीजों को कम नहीं, बल्कि अधिक सिंचाई और उर्वरक जैसे सहायक साधन चाहिए थे। बिना सिंचाई वाले संकर बीज हरित क्रांति की प्रमुख पहचान नहीं थे।
  • (D) जैविक खुले-परागण वाले बीज पारंपरिक किस्मों से जुड़े हैं, जबकि हरित क्रांति ने अधिक उपज देने वाली नई गेहूं और चावल किस्मों को आगे बढ़ाया।

अवधारणा

कृषि भूगोल में कृषि-आधुनिकीकरण और खाद्य-सुरक्षा का आधारभूत संबंध हरित क्रांति से साफ जुड़ता है। RAS में हरित क्रांति बार-बार इसलिए आती है क्योंकि इससे उत्पादन, सिंचाई, उर्वरक और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता जैसे कई स्थायी विषय जुड़ते हैं।

स्रोत

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