RAS प्रश्न
राजस्थान में 'महान सीमा भ्रंश' किसे अलग करती है?
सही उत्तर: (C) विंध्यन और अरावली।
राजस्थान में महान सीमा भ्रंश पूर्वी राजस्थान में अरावली प्रणाली को विंध्यन प्रणाली से अलग करता है।
व्याख्या
महान सीमा भ्रंश दो भूगर्भीय इकाइयों की प्रमुख सीमा है। विंध्यन सुपरग्रुप के क्षेत्र में यह भ्रंश विंध्यन को अरावली और आर्कियन चट्टानों से अलग करता है। सही जोड़ी विंध्यन और अरावली है। विंध्यन कगार क्षेत्र भी चित्तौड़गढ़ से आगे इसी महान सीमा भ्रंश के साथ जुड़े हुए हैं। इसलिए इसे थार-रेगिस्तान, मारवाड़-मेवाड़ या हाड़ौती-मेवाड़ जैसी क्षेत्रीय जोड़ी मानना गलत दिशा में जाना होगा; यह भूगर्भीय प्रणालियों की सीमा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) थार और अरावली वाली जोड़ी महान सीमा भ्रंश का सही विभाजन नहीं है; यह भ्रंश विंध्यन को अरावली और आर्कियन चट्टानों से अलग करता है।
- (B) मारवाड़ और मेवाड़ क्षेत्रीय नाम हैं, जबकि यहां भूगर्भीय प्रणालियों का विभाजन लागू होता है; विभाजन विंध्यन और अरावली के बीच है।
- (D) हाड़ौती और मेवाड़ क्षेत्रीय जोड़ी है, लेकिन महान सीमा भ्रंश विंध्यन को अरावली और आर्कियन चट्टानों से अलग करने वाली रेखा है।
अवधारणा
राजस्थान के भौतिक भूगोल में भूगर्भीय संरचना और प्रमुख भ्रंश-रेखाओं की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे अरावली, विंध्यन और पूर्वी राजस्थान के स्थलरूपों को जोड़कर समझाते हैं।
