RAS प्रश्न
राजस्थान के राज्यपाल किसकी इच्छानुसार पद धारण करते हैं?
सही उत्तर: (A) भारत के राष्ट्रपति।
राजस्थान के राज्यपाल अनुच्छेद 156 के तहत भारत के राष्ट्रपति की इच्छा पर पद धारण करते हैं।
व्याख्या
संविधान का अनुच्छेद 156 राज्यपाल की पदावधि को सीधे राष्ट्रपति की इच्छा से जोड़ता है। राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छा पर पद धारण करता है। इसलिए राजस्थान के राज्यपाल की पदावधि को प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष या मुख्यमंत्री की इच्छा से नहीं जोड़ा जाता। सामान्य तौर पर राज्यपाल के लिए 5 वर्ष की अवधि पढ़ी जाती है, लेकिन निर्णायक बिंदु “किसकी इच्छानुसार” है; इस पर सही संवैधानिक शब्द राष्ट्रपति है। हटाने के लिए कोई निश्चित प्रक्रिया नहीं बताई गई है, इसलिए राज्यपाल को राष्ट्रपति की इच्छा से पद धारण करने वाले संवैधानिक पद के रूप में याद रखना चाहिए।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) प्रधानमंत्री सलाह दे सकते हैं, लेकिन अनुच्छेद 156 में राज्यपाल की पदावधि राष्ट्रपति की इच्छा से जुड़ी है, प्रधानमंत्री की इच्छा से नहीं।
- (C) लोकसभा अध्यक्ष का काम लोकसभा से संबंधित है; राज्यपाल की पदावधि या हटाने में उनकी कोई संवैधानिक भूमिका नहीं दी गई है।
- (D) मुख्यमंत्री राज्य सरकार का प्रमुख होता है, लेकिन राज्यपाल को हटाने या उनकी पदावधि तय करने का अधिकार मुख्यमंत्री के पास नहीं है।
अवधारणा
भारतीय संघीय व्यवस्था में राज्यपाल की संवैधानिक स्थिति और पदावधि राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के संबंधों से जुड़ी रहती है। RAS में राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था पढ़ते समय राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के संबंध अलग-अलग पहचानने पड़ते हैं।
