Aspirant Academy

RAS प्रश्न

वायसराय की कार्यकारी परिषद के पहले भारतीय सदस्य थे:

सही उत्तर: (C) एस.पी. सिन्हा (1909, मॉर्ले-मिंटो सुधारों के तहत)।

सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा 1909 में वायसराय की कार्यकारी परिषद के पहले भारतीय सदस्य बने।

  1. (A)

    गोपाल कृष्ण गोखले

  2. (B)

    दादाभाई नौरोजी

  3. (C)

    एस.पी. सिन्हा (1909, मॉर्ले-मिंटो सुधारों के तहत)

  4. (D)

    तेज बहादुर सप्रू

व्याख्या

सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा, जिन्हें बाद में लॉर्ड सिन्हा कहा गया, इस प्रश्न का सही उत्तर हैं। वे 1909 में मॉर्ले-मिंटो सुधारों के तहत वायसराय की कार्यकारी परिषद में विधि सदस्य बने। भारत के राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेज भी यही आधार देता है: भारतीय परिषद अधिनियम 1909 ने गवर्नर जनरल को कार्यकारी परिषद में एक भारतीय सदस्य नामित करने का अधिकार दिया, जिसके परिणामस्वरूप श्री सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा पहले भारतीय सदस्य नियुक्त हुए। इसलिए बात केवल किसी विधान परिषद की सदस्यता की नहीं है, बल्कि वायसराय की कार्यकारी परिषद में पहली भारतीय नियुक्ति की है। आगे चलकर वे ब्रिटिश मंत्रिमंडल में भारत के अवर सचिव के रूप में शामिल होने वाले पहले भारतीय भी बने।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) गोपाल कृष्ण गोखले का संबंध इम्पीरियल/विधायी परिषद से था, जबकि प्रश्न वायसराय की कार्यकारी परिषद के पहले भारतीय सदस्य के बारे में है।
  • (B) दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश संसद से जुड़े थे, इसलिए वे वायसराय की कार्यकारी परिषद के पहले भारतीय सदस्य नहीं थे।
  • (D) तेज बहादुर सप्रू बाद के दौर से जुड़े नाम हैं; 1909 में पहली भारतीय नियुक्ति सत्येंद्र प्रसन्न सिन्हा की हुई थी।

अवधारणा

यह प्रश्न आधुनिक भारत में संवैधानिक सुधारों, खासकर मॉर्ले-मिंटो सुधारों और भारतीय परिषद अधिनियम 1909 से जुड़ा है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि वे सुधारों के प्रावधान और उनसे जुड़े पहले भारतीय पदाधिकारियों को अलग-अलग पहचानने की मांग करते हैं।

स्रोत

संबंधित प्रश्न