RAS प्रश्न
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) में किस नदी प्रणाली के अतिरिक्त मानसूनी जल का उपयोग करने का लक्ष्य है?
सही उत्तर: (A) अतिरिक्त जल-प्रवाह के समय चम्बल और उसकी सहायक नदियाँ।
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का लक्ष्य चम्बल बेसिन में उपलब्ध अतिरिक्त मानसूनी जल का उपयोग करना है।
व्याख्या
ERCP में मूल बात चम्बल बेसिन के अंदर ही जल का स्थानांतरण है। PIB के अनुसार परियोजना कालीसिंध, पार्वती, मेज और चाकन उप-बेसिनों में उपलब्ध अतिरिक्त मानसूनी जल का उपयोग करती है और उसे बनास, गम्भीरी, बाणगंगा और पारबती जैसे जल-कमी वाले उप-बेसिनों की ओर मोड़ने की परिकल्पना करती है। इसी कारण विकल्प A सही है: नदी प्रणाली चम्बल और उससे जुड़ी नदियों/उप-बेसिनों की है, किसी बाहरी नदी से पानी लाने की नहीं। यह अतिरिक्त प्रवाह जुलाई-सितंबर के मानसूनी समय में लिया जाना है और पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के 13 जल-कमी वाले जिलों को पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए जल देना इसका लक्ष्य है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) लूनी पश्चिमी राजस्थान की नदी प्रणाली है, जबकि ERCP का आधार पूर्वी राजस्थान के लिए चम्बल बेसिन का अतिरिक्त मानसूनी जल है।
- (C) यमुना के अंतरराज्यीय समझौते से जल लाना ERCP का आधार नहीं है; ERCP को चम्बल बेसिन के अतिरिक्त मानसूनी जल से जोड़ा गया है।
- (D) नर्मदा नहर मोड़ ERCP से संबद्ध नहीं है; परियोजना चम्बल बेसिन और उससे जुड़े उप-बेसिनों पर टिकी है।
अवधारणा
राजस्थान के नदी बेसिन, जल-अंतरांतरण और क्षेत्रीय जल-अभाव की समझ ERCP जैसे विषयों में जरूरी है। RAS में ऐसी योजनाएं बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि वे भूगोल, संसाधन प्रबंधन और राज्य की विकास-नीति को जोड़ती हैं।
