RAS प्रश्न
'धन निकासी' सिद्धांत का समर्थन किस आर्थिक राष्ट्रवादी ने भी किया जिन्होंने 'द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया' लिखी?
सही उत्तर: (D) आर.सी. दत्त।
रोमेश चंद्र दत्त यानी आर.सी. दत्त ने दादाभाई नौरोजी के धन निकासी सिद्धांत का समर्थन किया और इसे अपनी पुस्तक द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया का प्रमुख विषय बनाया।
व्याख्या
आर.सी. दत्त आर्थिक राष्ट्रवादी विचारक थे और उनका नाम द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया से जुड़ा है। रोमेश चंद्र दत्त (1848-1909) ने यह पुस्तक दो खंडों में लिखी और आँकड़ों का विस्तार से विश्लेषण करके दादाभाई नौरोजी के धन निकासी सिद्धांत का समर्थन किया। कालीकट विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा विद्यालय के अनुसार, दत्त और नौरोजी उन राष्ट्रवादी नेताओं में थे जिन्होंने 1870 से 1905 के बीच ब्रिटिश शासन का विश्लेषण किया। विद्यालय की सामग्री यह भी बताती है कि दत्त ने धन निकासी सिद्धांत को द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया का प्रमुख विषय बनाया। इसलिए सही उत्तर दत्त हैं, कोई अन्य मध्यमार्गी नेता या अर्थशास्त्री नहीं। यहाँ उस लेखक को पहचानना है जिसकी आर्थिक आलोचना ने धन निकासी के तर्क को विशेष रूप से मज़बूत किया।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) गोपाल कृष्ण गोखले मध्यमार्गी नेता थे, लेकिन द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया लिखकर धन निकासी सिद्धांत का समर्थन आर.सी. दत्त ने किया था, गोखले ने नहीं।
- (B) जी.वी. जोशी ने आर्थिक राष्ट्रवादी विचारधारा में योगदान दिया, लेकिन द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया उन्होंने नहीं लिखी।
- (C) एम.जी. रानाडे अर्थशास्त्री थे, लेकिन द इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया लिखकर धन निकासी सिद्धांत का समर्थन आर.सी. दत्त ने किया था, रानाडे ने नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न शुरुआती राष्ट्रवादी दौर में औपनिवेशिक शासन की आर्थिक आलोचना और खास तौर पर धन निकासी के तर्क की समझ परखता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि आधुनिक भारतीय इतिहास में किस व्यक्ति ने कौन-सी पुस्तक लिखी और आर्थिक राष्ट्रवाद के किस मुख्य तर्क का समर्थन किया, यह अक्सर पूछा जाता है।
