RAS प्रश्न
रियासतों में अंग्रेज़ी हस्तक्षेप का आधार बने सर्वोच्चता सिद्धांत को किसके अधीन औपचारिक रूप दिया गया?
सही उत्तर: (B) लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813-1823)।
रियासतों में अंग्रेज़ी हस्तक्षेप का आधार बना सर्वोच्चता सिद्धांत लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813-1823) के अधीन औपचारिक रूप से विकसित हुआ।
व्याख्या
लॉर्ड हेस्टिंग्स (1813-1823) के समय अंग्रेज़ी सत्ता ने सर्वोच्चता का नया दावा आगे रखा। NCERT के अनुसार कंपनी ने कहा कि उसका अधिकार सर्वोपरि है, इसलिए उसकी शक्ति भारतीय राज्यों से अधिक है। इसी आधार पर अंग्रेज़ अपने हितों की रक्षा के नाम पर किसी भारतीय राज्य को मिलाने या उसे मिलाने की धमकी देने को उचित ठहराते थे। रियासतों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप का आधार यही सोच थी: रियासतें स्वतंत्र बराबर पक्ष नहीं रहीं, बल्कि अंग्रेज़ी प्रभुत्व के अधीन मानी गईं। हेस्टिंग्स ने इसी से मराठों, पिंडारियों और राजपूत राज्यों पर ब्रिटिश वर्चस्व मजबूत किया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) लॉर्ड कॉर्नवालिस का संबंध मुख्यतः बंगाल प्रशासन से जोड़ा जाता है, जबकि सर्वोच्चता की नीति NCERT में लॉर्ड हेस्टिंग्स के अधीन बताई गई है।
- (C) रॉबर्ट क्लाइव का दौर सर्वोच्चता सिद्धांत के औपचारिक विकास से पहले का था, इसलिए रियासतों पर इस नीति के आधार पर हस्तक्षेप उससे नहीं जोड़ा जाता।
- (D) लॉर्ड डलहौज़ी व्यपगत सिद्धांत से जुड़ा है, जो सर्वोच्चता सिद्धांत से अलग आधार था और रियासतों में हस्तक्षेप के इस आधार से अलग है।
अवधारणा
यह मुद्दा आधुनिक भारत में कंपनी के क्षेत्रीय विस्तार और रियासतों पर ब्रिटिश प्रभुत्व की अवधारणा से जुड़ा है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि राजपूत राज्यों और औपनिवेशिक हस्तक्षेप को समझने के लिए सर्वोच्चता सिद्धांत बुनियादी कड़ी है।
