RAS प्रश्न
राजस्थान में जिला कलेक्टर किस प्रकार के प्रशासन का प्रमुख होता है?
सही उत्तर: (B) राजस्व, विकास और सामान्य प्रशासन सहित समग्र जिला प्रशासन।
राजस्थान में जिला कलेक्टर राजस्व, विकास और सामान्य प्रशासन सहित समग्र जिला प्रशासन का प्रमुख होता है।
व्याख्या
जिला कलेक्टर को केवल एक विभागीय अधिकारी समझना गलत होगा। राजस्थान जिला गजेटियर, प्रतापगढ़ में जिला कलेक्टर को जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी बताया गया है और कहा गया है कि जिला प्रशासन उसी के इर्द-गिर्द चलता है। वही जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कानून-व्यवस्था से जुड़ा समन्वय करता है, राजस्व विभाग का प्रमुख होता है और विकास कार्यों के लिए जिला विकास प्राधिकरण की भूमिका निभाता है। स्रोत में यह भी बताया गया है कि कलेक्टर सरकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठकों, आपदा प्रबंधन समिति, चुनाव कार्य और अनेक विभागीय योजनाओं की निगरानी से जुड़ा होता है। इसलिए सही उत्तर समग्र जिला प्रशासन है, केवल राजस्व या कानून-व्यवस्था नहीं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कलेक्टर की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है; स्रोत में उसे राजस्व, विकास, सरकारी कार्यक्रमों और जिला स्तरीय समन्वय से भी जोड़ा गया है।
- (C) केवल न्यायिक प्रशासन कहना सही नहीं है, क्योंकि न्यायिक प्रशासन जिला न्यायाधीश से जुड़ा होता है, जबकि कलेक्टर का पद जिला प्रशासन, राजस्व, विकास और कार्यपालिका से जुड़ा है।
- (D) कलेक्टर राजस्व प्रशासन का प्रमुख जरूर है, लेकिन स्रोत उसके विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, चुनाव और सामान्य प्रशासन में भी दायित्व बताता है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की जिला प्रशासन व्यवस्था में जिला कलेक्टर की केंद्रीय भूमिका को परखता है। RAS में यह अवधारणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जिला स्तर पर राजस्व, विकास, कानून-व्यवस्था, आपदा और चुनाव जैसे प्रमुख काम इसी पद से जुड़े हैं।
