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RAS प्रश्न

राजस्थान में मरुस्थलीय कंटीले वन में किस प्रकार की वनस्पति पाई जाती है?

सही उत्तर: (D) खेजड़ी, बबूल, बेर, और नागफनी।

राजस्थान के मरुस्थलीय कंटीले वन की प्रमुख वनस्पति खेजड़ी, बबूल, बेर, कैर, थोर और नागफनी जैसी शुष्क परिस्थितियों के अनुकूल प्रजातियां हैं।

  1. (A)

    मैंग्रोव

  2. (B)

    चीड़ और देवदार

  3. (C)

    साल और सागौन के वृक्ष

  4. (D)

    खेजड़ी, बबूल, बेर, और नागफनी

व्याख्या

पश्चिमी राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में मिलने वाले मरुस्थलीय कंटीले वन पानी की कमी और गर्म, रूखे परिवेश के अनुरूप बने होते हैं। राजस्थान वन विभाग के अनुसार इस वन-प्रकार में बबूल, खेजड़ी, कैर और बेर जैसी प्रजातियां मिलती हैं। खेजड़ी, बबूल, बेर, कैर, थोर और नागफनी इसी शुष्क क्षेत्र की अनुकूलित वनस्पति हैं। इसलिए विकल्प D सही है: यह सूची तटीय, हिमालयी या आर्द्र पर्णपाती वनस्पति नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के कंटीले, सूखा-सहिष्णु वन-समूह को पहचानती है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) मैंग्रोव तटीय वनस्पति है, जबकि राजस्थान का मरुस्थलीय कंटीला वन पश्चिमी राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्र से जुड़ा है।
  • (B) चीड़ और देवदार हिमालयी प्रजातियां हैं, इसलिए वे पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय कंटीले वन की पहचान नहीं कराते।
  • (C) साल और सागौन आर्द्र पर्णपाती वनों से जुड़े वृक्ष हैं, जबकि मरुस्थलीय कंटीला वन शुष्क क्षेत्र की कंटीली वनस्पति वाला है।

अवधारणा

राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति में वन-प्रकार और जलवायु का संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि पश्चिमी राजस्थान की शुष्कता और वहां की विशिष्ट वनस्पति सीधे राज्य-भूगोल से जुड़ती है।

स्रोत

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