RAS प्रश्न
'पूर्ण स्वराज' (पूर्ण स्वतंत्रता) की मांग किस कांग्रेस अधिवेशन में की गई?
सही उत्तर: (A) लाहौर अधिवेशन 1929।
पूर्ण स्वराज यानी पूर्ण स्वतंत्रता की मांग कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन 1929 में की गई थी।
व्याख्या
कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन 1929 में, जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में, पूर्ण स्वराज को स्वतंत्रता आंदोलन का साफ राजनीतिक लक्ष्य बनाया गया। PIB के अनुसार 1929 के प्रस्तावों के बाद पूर्ण स्वराज औपचारिक राजनीतिक उद्देश्य बना और 26 जनवरी 1930 को देशभर में पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया। इसका अर्थ यह था कि आंदोलन अब ब्रिटिश शासन के भीतर संवैधानिक सुधार या डोमिनियन दर्जे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूर्ण स्वशासन और औपनिवेशिक अधीनता से पूरी स्वतंत्रता की मांग पर आ गया। इसलिए सही अधिवेशन लाहौर 1929 है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) लखनऊ अधिवेशन 1936 समय में काफी बाद का है, जबकि पूर्ण स्वराज की मांग 1929 में ही औपचारिक राजनीतिक लक्ष्य बन चुकी थी।
- (C) कलकत्ता अधिवेशन 1928 में मांग डोमिनियन दर्जे तक सीमित थी, जबकि पूर्ण स्वराज ने ब्रिटिश शासन के भीतर रहने वाली उस सीमा को अस्वीकार किया।
- (D) कराची अधिवेशन 1931 मूल अधिकारों के प्रस्ताव से जुड़ा है, इसलिए पूर्ण स्वराज की मूल मांग के लिए यह सही अधिवेशन नहीं है।
अवधारणा
आधुनिक भारत के राष्ट्रीय आंदोलन में कांग्रेस की मांगों का विकास महत्वपूर्ण विषय है। RAS में डोमिनियन दर्जे से पूर्ण स्वराज तक का बदलाव बार-बार आता है, क्योंकि यही स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा समझने की कुंजी है।
