RAS प्रश्न
राजस्थान के थार मरुस्थल में पाए जाने वाले अर्धचंद्राकार बालू टीलों को क्या कहते हैं?
सही उत्तर: (A) बरखान।
राजस्थान के थार मरुस्थल में मिलने वाले अर्धचंद्राकार बालू टीले बरखान कहलाते हैं और उनके सिरे हवा के बहाव की दिशा में होते हैं।
व्याख्या
बरखान की पहचान उसके अर्धचंद्राकार आकार और हवा के बहाव की दिशा में निकले सिरों से होती है। राजस्थान के थार मरुस्थल में, खासकर जैसलमेर और बाड़मेर क्षेत्र में, ऐसे टीले मिलते हैं। ये तब बनते हैं जब लगभग समतल रेतीली सतह पर मध्यम गति की हवा लगातार एक ही दिशा में बहती है। इसलिए अर्धचंद्राकार आकार और सिरों की दिशा, दोनों से विकल्प A सही सिद्ध होता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) तारा टीलों में केंद्रीय ऊँचाई से कई भुजाएँ निकलती हैं, इसलिए उनका आकार बरखान के एकल अर्धचंद्राकार रूप से अलग होता है।
- (C) अनुदैर्ध्य टीले लंबे होते हैं और हवा की दिशा के समानांतर फैले होते हैं; वे हवा के बहाव की ओर निकले सिरों वाले अर्धचंद्राकार टीले नहीं होते।
- (D) परवलयिक टीले U आकार के होते हैं और उनकी भुजाएँ हवा आने की दिशा में होती हैं, जो बरखान के सिरों की दिशा के विपरीत है।
अवधारणा
हवा से बने मरुस्थलीय स्थलरूपों की पहचान टीलों के आकार और हवा की दिशा से होती है। RAS भूगोल में थार मरुस्थल की विशेषताओं को उनकी भौतिक निर्माण-प्रक्रियाओं से बार-बार जोड़ा जाता है।
