RAS प्रश्न
कोरिओलिस प्रभाव किसका कारण बनता है?
सही उत्तर: (B) पवनों का विक्षेपन — उत्तरी गोलार्ध में दाएँ, दक्षिणी में बाएँ।
कोरिओलिस प्रभाव पृथ्वी के घूर्णन के कारण गतिमान पवनों और महासागरीय धाराओं को उत्तरी गोलार्ध में दाएँ तथा दक्षिणी गोलार्ध में बाएँ मोड़ता है।
व्याख्या
कोरिओलिस प्रभाव का मूल कारण पृथ्वी का घूर्णन है। NOAA के अनुसार पृथ्वी के घूमने से परिसंचरित वायु सीधी राह पर नहीं चलती, बल्कि उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर मुड़ती है। यही विक्षेपण कोरिओलिस प्रभाव कहलाता है। पवनों के विक्षेपण की सही दिशा के कारण विकल्प B ठीक है। यह प्रभाव केवल पवनों तक सीमित नहीं है; गतिमान वस्तुओं में महासागरीय धाराएँ भी इससे प्रभावित होती हैं। इसी कारण सतही महासागरीय धाराओं को समझने में कोरिओलिस बल महत्वपूर्ण है। यह प्रभाव भूमध्य रेखा पर शून्य और ध्रुवों पर अधिकतम माना जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) विकल्प A कोरिओलिस प्रभाव को केवल महासागरीय धाराओं तक सीमित कर देता है, जबकि NOAA पवनों के विक्षेपण को भी आधार मानता है।
- (C) मौसम पर कोई प्रभाव नहीं कहना गलत है, क्योंकि पवनों की दिशा बदलना स्वयं वायुमंडलीय परिसंचरण और मौसम से जुड़ी बुनियादी प्रक्रिया है।
- (D) पवनें सीधे नहीं चलतीं; पृथ्वी के घूर्णन के कारण वे उत्तरी गोलार्ध में दाएँ और दक्षिणी गोलार्ध में बाएँ मुड़ती हैं।
अवधारणा
भौतिक भूगोल में पृथ्वी के घूर्णन, वायुमंडलीय परिसंचरण और महासागरीय धाराओं का संबंध कोरिओलिस प्रभाव से जुड़ा है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि पवन-प्रणाली और धाराओं की दिशा समझने के लिए कोरिओलिस प्रभाव मूल आधार है।
