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RAS प्रश्न

सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34) किसके लिए शुरू किया गया:

सही उत्तर: (C) नमक कानून का उल्लंघन करना और पूर्ण स्वराज की मांग।

सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 में नमक कानून तोड़कर और लाहौर कांग्रेस में घोषित पूर्ण स्वराज की मांग को जन-आंदोलन बनाने के लिए शुरू किया गया था।

  1. (A)

    चुनावों का बहिष्कार

  2. (B)

    रॉलेट एक्ट का विरोध

  3. (C)

    नमक कानून का उल्लंघन करना और पूर्ण स्वराज की मांग

  4. (D)

    डोमिनियन स्टेटस की मांग

व्याख्या

सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत गांधीजी के नमक सत्याग्रह से हुई। NCERT के अनुसार दिसंबर 1929 में लाहौर कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज, यानी भारत की पूर्ण स्वतंत्रता, की मांग को औपचारिक रूप दिया। गांधीजी को इस अमूर्त स्वतंत्रता-विचार को रोजमर्रा के जीवन के ठोस मुद्दे से जोड़ना था, इसलिए उन्होंने नमक को चुना। नमक अमीर-गरीब सभी के भोजन की जरूरी वस्तु था, और नमक कर तथा उसके उत्पादन पर सरकारी एकाधिकार को उन्होंने अन्यायपूर्ण माना। 12 मार्च 1930 को दांडी यात्रा शुरू हुई और 6 अप्रैल को दांडी पहुंचकर समुद्री पानी से नमक बनाकर कानून तोड़ा गया। यही सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत थी।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) चुनावों का बहिष्कार इस आंदोलन का केंद्रीय उद्देश्य नहीं था; NCERT इस चरण को नमक कानून तोड़ने और पूर्ण स्वराज की मांग से जोड़ती है।
  • (B) रॉलेट एक्ट के विरोध में गांधीजी ने 1919 में अलग राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह शुरू किया था, इसलिए उसे 1930-34 के सविनय अवज्ञा आंदोलन का उद्देश्य नहीं माना जा सकता।
  • (D) डोमिनियन स्टेटस की अस्पष्ट पेशकश 1929 में इरविन ने दी थी, लेकिन कांग्रेस ने लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज की मांग औपचारिक रूप से अपनाई।

अवधारणा

यह प्रश्न आधुनिक भारत में राष्ट्रीय आंदोलन के कार्यक्रम और प्रतीकों की समझ जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि नमक सत्याग्रह, पूर्ण स्वराज और जन-भागीदारी को जोड़कर आंदोलन की रणनीति समझनी पड़ती है।

स्रोत

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