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RAS प्रश्न

चम्पारण सत्याग्रह (1917) किस शोषणकारी व्यवस्था के विरुद्ध शुरू किया गया था?

सही उत्तर: (B) तिनकठिया प्रणाली।

चम्पारण सत्याग्रह (1917) तिनकठिया प्रणाली के विरुद्ध शुरू किया गया था, जिसमें किसानों को अपनी भूमि के 3/20 हिस्से पर नील उगाने के लिए बाध्य किया जाता था।

  1. (A)

    ज़मींदारी प्रणाली

  2. (B)

    तिनकठिया प्रणाली

  3. (C)

    रैयतवाड़ी प्रणाली

  4. (D)

    महालवाड़ी प्रणाली

व्याख्या

चम्पारण में गांधी का पहला भारतीय सत्याग्रह नील किसानों की इसी पीड़ा से जुड़ा था। प्रेस सूचना ब्यूरो के लेख में गांधी अप्रैल 1917 में चम्पारण गए, क्योंकि वहां के किसानों को ब्रिटिश बागान मालिकों और जमींदारों द्वारा नील उगाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। गांधी के शब्दों में चम्पारण का काश्तकार कानूनन अपनी जमीन के 20 में से 3 हिस्सों पर मालिक के लिए नील लगाने को बाध्य था; इसी व्यवस्था को तिनकठिया कहा गया। इसलिए सत्याग्रह का निशाना कोई सामान्य भूमि-राजस्व व्यवस्था नहीं, बल्कि नील की जबरन खेती कराने वाली तिनकठिया प्रणाली थी।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) ज़मींदारी प्रणाली उत्तर नहीं है, क्योंकि चम्पारण आंदोलन नील की जबरन खेती वाली तिनकठिया व्यवस्था से जुड़ा था।
  • (C) रैयतवाड़ी प्रणाली इस प्रसंग का मुद्दा नहीं थी; चम्पारण में किसानों पर अपनी जमीन के 3/20 हिस्से में नील लगाने का दबाव था।
  • (D) महालवाड़ी प्रणाली गलत है, क्योंकि चम्पारण की शोषणकारी व्यवस्था तिनकठिया थी।

अवधारणा

आधुनिक भारत के किसान आंदोलनों और गांधी के आरंभिक सत्याग्रहों में चम्पारण सत्याग्रह का विशेष स्थान है। RAS में ऐसे प्रसंग बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि इनमें आंदोलन का कारण, स्थानीय शोषण और गांधी की जन-राजनीति एक साथ जुड़ते हैं।

स्रोत

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