RAS प्रश्न
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक राजस्थान सरकार के खातों का लेखा-परीक्षण करता है। उसकी नियुक्ति कौन करता है?
सही उत्तर: (B) भारत के राष्ट्रपति।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति अनुच्छेद 148 के तहत अपने हस्ताक्षर और मुहर सहित अधिपत्र से करते हैं।
व्याख्या
अनुच्छेद 148 के तहत भारत में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का संवैधानिक पद होता है और उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर सहित अधिपत्र से करते हैं। इसलिए राजस्थान सरकार के खातों का लेखा-परीक्षण करने वाला नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक भी राज्य सरकार का अधिकारी नहीं, बल्कि संवैधानिक पदाधिकारी है जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केंद्र और राज्य दोनों सरकारों के लेखाओं का लेखा-परीक्षण करता है; संविधान के अनुच्छेद 149 में भी संघ और राज्यों के खातों के संबंध में उसके कर्तव्य और शक्तियों का आधार है। इसी वजह से सही विकल्प भारत के राष्ट्रपति हैं, न कि राज्य सरकार का कोई पदाधिकारी।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) वित्त मंत्री सरकार के वित्तीय कामकाज से जुड़े होते हैं, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की नियुक्ति का अधिकार अनुच्छेद 148 के तहत राष्ट्रपति के पास है।
- (C) राज्यपाल को राज्य से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट प्राप्त होने की प्रक्रिया में भूमिका मिलती है, पर नियुक्ति राज्यपाल नहीं करते।
- (D) मुख्यमंत्री राज्य सरकार का राजनीतिक प्रमुख होता है, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक एक संवैधानिक पद है जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
अवधारणा
संवैधानिक संस्थाओं और राज्य वित्तीय जवाबदेही की बुनियादी समझ RAS के लिए जरूरी है। राजस्थान सरकार के लेखा-परीक्षण को समझने के लिए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की स्वतंत्र संवैधानिक स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
