RAS प्रश्न
कैबिनेट मिशन योजना ने किसकी मांग को खारिज किया?
सही उत्तर: (A) अलग पाकिस्तान।
कैबिनेट मिशन योजना ने मुस्लिम लीग की अलग संप्रभु पाकिस्तान राज्य की मांग स्वीकार नहीं की और उसके स्थान पर भारत के लिए संघीय ढांचा सुझाया।
व्याख्या
कैबिनेट मिशन ने पहले मुस्लिम लीग की उस मांग की जांच की जिसमें अलग और पूरी तरह स्वतंत्र संप्रभु पाकिस्तान राज्य मांगा गया था। ऐसा पाकिस्तान उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व के क्षेत्रों से बनता, लेकिन इससे गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों और पंजाब, बंगाल, असम जैसे प्रांतों के विभाजन की समस्या हल नहीं होती। मिशन ने साफ कहा कि बड़े या छोटे, किसी भी रूप में संप्रभु पाकिस्तान सांप्रदायिक समस्या का स्वीकार्य समाधान नहीं देगा। इसलिए उसने दो अलग संप्रभु राज्यों को सत्ता सौंपने की सलाह नहीं दी। इसके बजाय योजना ने ब्रिटिश भारत और रियासतों को मिलाकर भारत संघ, सीमित संघीय विषय, प्रांतीय शक्तियां और प्रांतों के समूहों वाला ढांचा प्रस्तावित किया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) प्रांतीय स्वायत्तता को योजना ने खारिज नहीं किया, क्योंकि संघीय विषयों के अलावा बाकी विषय और शेष शक्तियां प्रांतों में रखने की बात की गई थी।
- (C) पृथक निर्वाचक मंडल को योजना ने अस्वीकार नहीं किया; कैबिनेट मिशन ने अलग संप्रभु पाकिस्तान की मांग को अस्वीकार्य माना।
- (D) डोमिनियन दर्जा वह मांग नहीं थी जिसे इस योजना ने खारिज किया; योजना ने दो अलग संप्रभु राज्यों को सत्ता सौंपने से इनकार किया।
अवधारणा
आधुनिक भारतीय इतिहास में कैबिनेट मिशन योजना, विभाजन की मांग और संघीय समाधान की समझ जरूरी है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि अंतिम ब्रिटिश संवैधानिक योजनाएं सत्ता-हस्तांतरण और विभाजन की पृष्ठभूमि समझने की कुंजी हैं।
