RAS प्रश्न
कैबिनेट मिशन योजना (1946) ने भारत में कैसी संवैधानिक व्यवस्था प्रस्तावित की थी?
सही उत्तर: (A) समूहबद्ध प्रांतों और कमज़ोर केंद्र वाला त्रिस्तरीय संघीय ढाँचा।
कैबिनेट मिशन योजना 1946 ने भारत के लिए समूहबद्ध प्रांतों और कमजोर केंद्र वाली त्रिस्तरीय संघीय व्यवस्था प्रस्तावित की थी।
व्याख्या
कैबिनेट मिशन ने अलग पाकिस्तान की मांग स्वीकार नहीं की, क्योंकि उसके अनुसार बड़े या छोटे किसी भी रूप में अलग संप्रभु पाकिस्तान व्यावहारिक समाधान नहीं देता था। इसके स्थान पर योजना ने भारत का एक संघ प्रस्तावित किया, जिसमें ब्रिटिश भारत और रियासतें शामिल होतीं। इस संघ को केवल विदेशी मामले, रक्षा और संचार जैसे सीमित विषय मिलने थे; बाकी विषय और अवशिष्ट शक्तियां प्रांतों के पास रहतीं। योजना में प्रांतों को अपनी कार्यपालिका और विधायिका वाले समूह बनाने की छूट भी दी गई। इसलिए व्यवस्था का वास्तविक ढांचा तीन स्तरों में था: संघ, प्रांतों के समूह और प्रांत। यही कारण है कि सही उत्तर कमजोर केंद्र और समूहबद्ध प्रांतों वाला त्रिस्तरीय संघीय ढांचा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) कैबिनेट मिशन सत्ता-हस्तांतरण की संवैधानिक राह निकालने आया था; स्रोत में 20 और वर्षों तक ब्रिटिश शासन जारी रखने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
- (C) योजना में संघ की कार्यपालिका और विधायिका तथा संविधान-निर्माण की प्रक्रिया की बात है, भारत के राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष चुनाव का कोई प्रावधान नहीं है।
- (D) योजना ने तत्काल भारत-पाकिस्तान विभाजन नहीं किया; स्रोत में अलग संप्रभु पाकिस्तान को व्यावहारिक समाधान न मानकर उसके स्थान पर संघ और समूहबद्ध प्रांतों का ढांचा दिया गया।
अवधारणा
यह प्रश्न आधुनिक भारत के संवैधानिक विकास और सत्ता-हस्तांतरण की योजनाओं की समझ जांचता है। आरएएस में यह बार-बार आता है क्योंकि कैबिनेट मिशन योजना संविधान सभा, संघीय ढांचे और विभाजन-पूर्व राजनीति को जोड़ती है।
